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सोमवार, 4 जून 2018

मैं कुंवारी पापा की प्यारी, चुद गयी यारों




कल हमने होली और फाग दोनों मनाये.. यहाँ US में weekend में ही tyohar मानाने का रिवाज है... एक लोकल क्लब में सब इकट्ठे थे - तकरीबन ३५ से ४० भारतीय परिवार.. होली जलाई गयी.. सब खूब नाचे - दारु पी - भांग और ठंडाई खुल कर बही - सबने जम कर पी - खूब रंग खेला - सब लाल भुत बने हुए थे - पापा ने क्लब के मैनेजर से ऊपर के एक कमरे की चाबी चुप चाप ले रखी थी... मम्मी अपनी सहेलियों के साथ मगन थी - भैया अपने दोस्तों के साथ -

पापा ने इशारा किया और मैं नजर बचाकर उनके साथ होली - ऊपर कमरे में पहुँचते ही पापा ने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया और बेदर्दी से मेरे होठ चूसने लगे - मैं उनका पूरा साथ दे रही थी - पापा ने जब छोड़ा तब तक मैं गरम हो चुकी थी - पापा ने फटाफट अपने कपडे उतारे और मेरे सामने थे उनका मोटा लम्बा लंड - पापा का पूरा बदन रंग में रंग था सिवाय लंड के - उनका गोरा चिट्टा लंड मचल मचल कर उछल उछल कर मुझे इशारे कर रहा था - अपने पास बुला रहा था - रोक नहीं पाई खुद को और दौड़ कर मुह में ले लिया - बेतहाशा चूसने लगी - पापा मेरे बालों को कस कर पकडे हुए थे और बीच बीच में इतनी जोरों से खींचते की लंड मुह से बहार आ जाता और पापा उसी तरह बाल पकडे हुए ही मेरे मुह लौंडा घुसा कर चोदने लगते - अचानक उन्होंने पूरा का पूरा लंड मुह में ठांस दिया - समझ गयी की अब उनका गिरने वाला है - और फिर जैसे मेरे मुह में बाढ़ आ गयी हो - पापा की मलाईदार ठंडाई का कोई मुकाबला नहीं था - जो नशा लंड के इस गाढे गाढे माल में था वो दुनिया के किसी भी नशे में नहीं हो सकता....




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पापा ने मुझे खड़ा किया और अपने हाथों से नंगा कर पलंग पर धकेल दिया और मेरी चूत को मुह लगा चूसने लगे - थोड़ी ही देर में मैं पागलों की तरह मचलने लगी और पापा को गन्दी गन्दी गलियां देते हुए चोदने के लिए कहने लगी - अब नहीं बर्दास्त हो रहा था - मैंने पापा को अपने ऊपर खिंच लिया और उन्हें बिस्तर पर पलट उनके लंड पर चढ़ बैठी... कुछ देर मर्दों की तरह पापा को चोदती रही की अचानक पापा ने मुझे पटक कर मेरे ऊपर आ गए और मुझे चोदने लगे - हर धक्का चूत की गहराइयों तक लंड को पहुंचा रहा था - भांग के नशे ने उनके ठहरने की ताकत को और भी बढ़ा दिया था साथ ही एक बार मुह में झड चुके थे - इसलिए बिना रुके चोदे ही जा रहे थे - पता नहीं कितनी देर तक चोदते रहे और जब झडे तो लगा पूरी चूत उनके रस से भर गयी है... थोड़ी देर बाद उठे और कपडे पहन कर बोले कि मैं जा रहा हूँ तुम थोड़ी देर बाद नीचे आ जाना... मगर मुझे कुछ सुनाई नहीं दिया...
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मैं चुदाई और भांग के नशे में मदहोश पड़ी थी - नंग धडंग - न जाने कितनी देर यूँहीं पड़ी थी कि पापा के हाथ फिर से अपने बदन पर सरकते महसूस हुए - मेरी चुचियों पर उनकी पकड़ सख्त हो गयी और मेरे होठो को अपने होठो में समेट लिया - मैं मन ही मन बोली - थैंक यु पापा - मेरा कितना ख़याल रखते हैं - और मैं अध्-बेहोशी की हालत में उनका साथ देने लगी - लौंडा चूत में और आग जगा रहा था - लगता है पहली चुदाई के बाद पापा का नशा कुछ उतरा है - एक एक धक्का नाप तोल कर लगा रहे थे - चूत की दीवारों का रगड़ते हुए लौंडा जब अन्दर जाता था तो लगता था चैन आ रहा है और फिर जब खींच कर निकालते थे तो चूत पागलों की तरह लंड से चिपटने की कोशिस करती थी - एक बार फी मेरी चूत मालामाल होने जा रही थी - और जब खुलता हुआ माल चूत में गिरा तो लगा बेहोश ही हो जाउंगी - निढाल सी पलंग पर फैली पड़ी थी की पापा के नंगे बदन का सारा बोझ मेरी चुचियों पर आ पड़ा - मेरे रस और अपने वीर्य में सना लंड मेरी छाती पर बैठ मेरे मुझ में घुसेड दिया - बिना सोचे समझे आँखे बंद किये बेतहाशा लंड चूसने लगी - लौंडा फिर तन्ना गया - पापा मुझ पर से उठे और मुझे उठा कर पेट के बल पलंग के किनारे पर लिटा दिया - मेरी टाँगे जमीन को छू रही थी और चुतड पलंग के किनारे पर थे - पेट के नीचे हाथ दे कर उन्होंने मेरे चुतड हवा में उठा दिए और एक सधा हुआ निशाना और लौंडा आधा मेरी गांड में था - दर्द के मारे मेरी चीख निकल गयी - पापा ने मेरे मुह अपने हाथों से दबोच लिया और चीख वहीँ की वहीँ घुट कर रह गयी - दुसरे हाथ से मेरी चूची थामी और और अगले ही धक्के में पूरा का पूरा लौंडा मेरी गांड में था - मैं दर्द से बिलबिला रही थी मगर पापा मेरे दर्द से बेखबर मेरी गांड में लंड पेले ही जा रहे थे - मैं भी अब मजा लेने लगी थी - चुतड पीछे धकेल कर धक्के पर धक्के झेल रही थी - गांड के संकरे छेद में लंड ज्यादा देर टिक नहीं पाया और माल उगल दिया... मैं थकी हरी पलंग पर गिर पड़ी - पता ही नहीं चला पापा कब उठे और कब गए....

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  #114   Gift FQ Bandwidth  
सोनी की ही चूत
सोनी की चूत में jhadunga मैं
चूत से बहार नहीं आउंगा मैं
कुत्तिया की तेरह चोदुंगा मैं
चिलाती रह पर नहीं रोकूंगा मैं
मुहं में भो डालूँगा लंड
चूत में भी लहराउंगा झंड
गालियाँ की बौछार में
गांड में भी डालूँगा लंड

   





कमरे में हम तीन थे और दिलीप के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही थी - मैंने कमरे कि चिटकनी बंद कर दी और पापा से बोली - पापा, इसने मेरी इज्जत लूट ली उसकी इसको सजा मिलनी ही चाहिए | पापा पूछने लगे क्या चाहती हो तुम - मैंने कहा ये बिना सजा भुगते भाग न जाए इसके लिए इसके कपडे उतर कर इसको नंगा कर दीजिये | दिलीप काफी हील-हुज्जत कर रहा था पर हम दोनों ने मिल कर उसे नंगा कर ही दिया | मेरे कहने पर उसे पलंग पर लिटा कर मेरी चुन्नी से उसके दोनों हाथ बांध दिए और पापा कि टी से उसके दोनों पांव. अब दिलीप मादरजाद नंगा पलंग पर बंधा पड़ा था और माफी मांग रहा था - मैंने कहा गलती करने से पहले सोचना था अब भुगतने को तैयार हो जाओ - इतना कह कर मैं भी अपने कपडे उतर कर नंगी हो गयी - पापा कुछ सोच पायें इससे पहले दिलीप का लौंडा मेरे मुह में था | थोड़ी सी चुसाई के बाद ही तन्नाने लगा - मैं पापा से बोली पापा प्लीज़ पीछे से घुसा दीजिये अपना लौंडा - मेरे तो मजे थे - एक चूत में था और एक मुह में - दिलीप ने थोड़ी ही देर में मेरे लिए dessert कि व्यवस्था कर दी और मुह मलाईदार रबड़ी से भर दिया - पापा भी और न रुक पाए और मेरी चूत भर दी |
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मेरे उरोजों पे रेंगते तेरे होंठ, मुझे मदहोश किये जाते हैं
कुछ करो ना हम तेरे आगोश में बिन पिए बहक जाते हैं 
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दो घंटे तक मैं थी - चुदास कुतिया और मेरे चूत पर जुटे थे दो कुत्ते - पापा और दिलीप | मेरे तीनो छेदों में दे पिचकारी दे पिचकारी होली खेली गयी | अब और ताकत नहीं थी चुदने कि और हम तीनो ही निढाल पलंग पर पड़े थे कि इतने में कोई जोरों से कमरे का दरवाजा खटखटाने लगा | हम तीनो ही उठे - मैं और पापा अपने कपडे उठा कर भाग कर बाथरूम में छुप गए और दिलीप ने झटपट चादर लपेटी और दरवाजा खोला - बाथरूम के दरवाजे कि फांक से हमें सब दिखाई दे रहा था - दरवाजे पर मम्मी कड़ी थी - नशे में लडखडाती मदहोश सी - कमरे में अन्दर आकर पलंग पर बैठते हुए दिलीप से बोली - तुने सोनी और उसके पापा को देखा क्या - सारी जगह ढूंढ चुकी - कहीं घर ना चले गए हों और इस तरह बडबडाते हुए वहीँ पलंग पर पसर गयी - पलंग पर रखे दिलीप के कपडे उनके नीचे दब गए - दिलीप उन्हें निकालने के लिए मम्मी के कंधे पकड़ कर उठाने लगा ही था कि एक जोरदार झापड़ उसके मुह पर पड़ा | मम्मी गुस्से में आग बबूला हो उसपर टूट पड़ी - हरामखोर साला कुतिया का जना मुझे हाथ लगाता है ठहर अभी सब को बुलाती हूँ और इसी हाथापाई में दिलीप कि चद्दर खुल गयी और वो मादरजाद नंगा था - दिलीप ने दौड़ कर कमरे का दरवाजा बंद किया और उनके माफी मांगने लगा - मम्मी एकटक उसके लंड को देखे जा रही थी - ढीला ढाला दिलीप का लंड भी काफी आलिशान था - मम्मी ने हाथ बढ़ा कर उसका लंड थाम लिया - बिना सोच हिप्नोटाइज नीचे बैठ गयी और लंड हाथो से हिलाने लगी - लंड तन्नाने लगा था और कब मम्मी ने पूरा का पूरा मुह में समेट लिया न हमें समझ आया और न ही दिलीप को |
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कुछ करो ना हम तेरे आगोश में बिन पिए बहक जाते हैं 


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पापा बाथरूम से सब देख रहे थे और आग बबूला हो रहे थे मगर कुछ नहीं कर सकते थे | सबसे खस्ता हालत तो दिलीप की थी जिसे पता था पापा बाथरूम में हैं और उनके सामने ही उनकी बीबी उसका लंड चूस रही है | करे तो क्या करे | उगले तो अँधा निगले तो कोढ़ी | हमारी आँखों के सामने मामी ने दिलीप से अपनी चूत भी मरवाई और मम्मी की मस्त गांड देख कर अगर दिलीप बिना गांड मारे उन्हें छोड़ देता तो मैं दिलीप को हिजड़ा समझ लेती - मगर दिलीप पक्का मर्द था औरे मामी की हर एंगल से चुदाई की - जम कर चुदाई की | बाद में मम्मी को उसने समझा बूझा कर भेज दिया की वो थोड़ी देर बाद आएगा ताकि किसी को शुबहा नहीं हो |
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कुछ करो ना हम तेरे आगोश में बिन पिए बहक जाते हैं 



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मैं और पापा बाथरूम से निकले तो दिलीप पापा से माफी मांगने लगा की उसे ऐसा इस लिए करना पड़ा ताकि पापा की और मेरी पोल न खुले | पापा गुस्से में कुछ बोलते इससे पहले मैं बोल पड़ी - चलो कोई बात नहीं तुम्हे माफ किया अब तुम फटा फट कपडे पहनो और यहाँ से निकल लो | मम्मी चुदाई देखकर मेरी बुरी हालत थी - दिलीप को मम्मी ने पूरी तरह निचोड़ लिया था और अब सिर्फ पापा का ही सहारा था - मम्मी की चुदाई किसी गैर मर्द के लौंडे से देख कर उनका लंड भी टना टन तैयार था - फिर से पलंग जवान हुआ - पापा ने अपनी बिटिया को जम कर चोदा उसी पलंग पर उसी चद्दर पर जिस पर कुछ देर पहले मम्मी रंडी की तरह चुदवा रही थी - साथ ही मैं सोच रही थी मैं कौन सी किसी रंडी से कम हूँ - वैसे होली पर तो सब जायज है |

शुक्रवार, 24 जुलाई 2015

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शुक्रवार, 3 अप्रैल 2015

जवानी की प्यास

मेरा नाम आकाश ग्रेवाल है और मैं पंजाब से हु. ये मेरी पहली स्टोरी है, जोकि १००% सच्ची है. बात करीब २ साल पहले की है. जब मैं पढाई करके एक हॉस्पिटल में जॉब करने लगा था. ये एक छोटा हॉस्पिटल था और मैं मैं यहाँ एचआर में ट्रेनी था. यहाँ बहुत कम डॉक्टर थे और सभी तक़रीबन नार्थ ईस्ट के थे. उनमे से एक डॉक्टर थी जेनी; जो कि नार्थईस्ट वालो की तरह छोटी और एकदम चिकनी माल थी. उसके होठ एकदम रसीले थे और रंग एकदम दूध जैसा गोरा. मैं तो उससे पहली नज़र में देखके ही उसकी चूत का दीवाना हो गया था. वो शुरू – शुरू में, मुझसे बाद करना शुरू की… जैसे हाई, हेलो और काम कैसा चल रहा है. मैं भी उससे खूब मज़े से बात करता. मुझे पता लगा, कि ये एक ड्राईवर से फसी है और वो इसके बहुत मज़े लेता है. कुछ दिनों में, वो ड्राईवर ने नौकरी छोड़ दी और चला गया. मैं ये मौका बिलकुल भी नहीं गवाया. एकदिन, शाम को मुझे जेनी का मेसेज आया, कि मेरा सिर दर्द शुरू हो रहा है.
मैं समझ गया, कि ये लंड की भूखी है और मेरा लंड खाएगी. इसलिए, मैंने भी मेसेज किया. ठीक है. तुम मेरे रूम में आ जाओ. मैं तुम्हारा सिर दबा दूंगा. मेसेज पर बात करते – करते रात हो गयी और करीब ९ बजे जेनी मेरे रूम में आ गयी. मैं अकेला था और मेरा लंड उसका जबरदस्त इंतज़ार कर रहा था. मैंने जेनी को कहा, कि आप लेट जाओ. मैं सिर दबा देता हु. जेनी लेट गयी और मैंने पहली बार उसको इतने करीब से देखा. उसके होठ एकदम रसीले थे. वो फरोक पहने हुई थी, हाफ जांघो तक. मैं भी चुदाई में बहुत मस्त हु, इसलिए जैसे ही वो लेटी; मैं भी उसके साथ लेट गया. अब सिर दबाते – दबाते मैं जेनी के मम्मो को सहलाने लगा. जेनी अपनी आँखों को बंद करके मज़ा ले रही थी. मैं समझ गया, अब ये पुरे मोशन में है. मैंने अपने होठ जेनी को होठो में डाल दिए और चूसने लगा. जेनी भी धीरे – धीरे होठो को चूसने लगी. मेरा लम्बा मोटा लंड शेर बन गया था. मैंने अपने हाथ उसकी जांघो के अन्दर डालने शुरू किये. जेनी को पता लग गया था, कि वो आज नहीं बचेगी, वो उठ गयी और कहने लगी.
मेरा सिर दर्द हो रहा है और अब मुझे जाना है. मैंने उसे रोकने के बहुत कोशिश की. पर वो रुकी नहीं. अब जेनी जा चुकी थी और मेरा लंड तड़प रहा था. रात के ११ बज चुके थे. तभी मेरे फ़ोन पर मेसेज आया, कि तुम कैसा दोस्त है? मेरा ध्यान भी नहीं रख सकता. मेरा सिर अभी भी दर्द हो रहा है. मैं समझ गया, कि ये साली अपनी चूत मुझसे ही मरवाएगी. मेरी ही कुतिया बनेगी. मैंने कहा – ठीक है. अपने रूम खोलकर रखो. मैं आ रहा हु. मैंने हिम्मत की और गार्ड से बचते – बचते रात में लेडी डॉक्टर के रूम में घुस गया. जेनी टीशर्ट और शोर्ट में थी. उसके बाल खुले हुए थे. जो कि एकदम सिल्की थे. मैं उसके बिस्तर में लेट गया और उसका सिर दबाने लगा. अब मैंने अपने होठ धीरे – धीरे जेनी के होठो में डाल दिए और जो मैंने सोचा नहीं था, वो होया. होठ डालते ही, जेनी उन्हें पागलो की तरह चूसने लगी. मैं भी उसके होठो को खूब रगड़ने लगा. अब मेरी जीभ जेनी के मुह में थी और उसकी जीभ मेरे मुह में. जेनी किस करने में एकदम परफेक्ट थी, क्या स्मूच था उसका.
मैंने अपना हाथ जेनी की टीशर्ट के अन्दर डालना शुरू किया. जेनी ने मना किया. मैंने पूछा, कि क्या हुआ? जेनी ने बोला – मेरे छोटे है. मैंने कहा – पगली कहाँ छोटे है. अच्छी ही तो है, मैं उनको पूरा पूरा मुह में डाल सकता हु. अब जेनी की चुचिया मेरे होठो में थी और मैं उसकी चुचियो को दबा रहा था. मैं तो अभी भी जीन्स और टीशर्ट में ही था. अब मैं जेनी के उपर लेट कर उसके दूध को अपनी जीभ से सहलाने लगा. कभी उसके होठो को चूसता और कभी गला और कभी मम्मे. फिर मैंने उसकी नाभि को चुसना शुरू किया.. आआअह्ह्ह्ह्ह्… अब उसके मुह से आआअ अबाबाब आआ की आवाज़े आने लगी थी. उसकी गांड भी हिलने लगी. मैंने उसका शोर्ट नीचे किया, उसने सेक्सी नेट ब्लैक कलर की पेंटी पहनी थी. पेंटी पे हाथ लगाया, तो ऐसा लगा कि साली ने मूत किया है, इतनी गीली थी उसकी चूत. अब तो जेनी मस्त हो गयी और बोलने लगी.. प्लीज लीव मी.. प्लीज लिव मी. मैं अब पुरे जोश में था, मेरा लंड जीन्स से बाहर आने को तड़प रहा था.
मैंने उसकी गोरी – गोरी जांघो को लिक करने लगा. मेरी जीभ उसकी जांघो पर गोल – गोल बनाने लगी. अब जब मैं और नीचे गया. तो उसके पेर देखकर हैरान रह गया. एकदम गोरे, पर पैरो की उंगलिया एकदम दूध जैसी गोरी. नाख़ून एकदम कटे हुए शेप में. फिर क्या था, मैंने उसके पेरो की उंगलिया पकड़ी और उनको चूसने लगा. बस कमरे में उसकी अहहः अहहहः अम्म्मम्म की आवाज आ रही थी. जो मुझे और भी ज्यादा गरम कर रही थी. फिर, मैंने जेनी को पलट दिया और उसकी गांड को चाटने लगा. क्या गांड थी एकदम गोरी गोल – गोल गांड. फिर उसकी पीठ को चाटा. अब मैंने उसकी ब्रा के हुक को खोल दिया और अपनी जीभ से गर्दन के नीचे से गांड तक चाटना शुरू किया. मैं जैसे ही नीचे गया, मैंने रंडी की पेंटी भी उतार दी. अब जेनी एकदम नंगी थी. जेनी उठी बिस्तर से और मेरा हाथ पकड़कर बोली – खड़े हो जाओ. मैं कुछ समझा नहीं, बस खड़ा हो गया. वो मुझे दिवार के पास ले गयी और मेरे को दिवार से लगा दिया. अब जेनी एकदम मस्त और गरम हो चुकी थी. उसने मेरी टीशर्ट ऊपर की और मैंने टीशर्ट उतार दी. मेरी छाती के बाल देख कर जेनी मस्त हो गयी.
वो मेरी निप्पल को चूसने लगी. फिर जेनी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया. जो कि पहले से ही लम्बा और मोटा हो रखा था. मैंने अब बस उसकी गांड से खेलना शुरू किया. अपने हाथो से उसकी गांड को दबाया और ऊँगली डालता उसकी चूत में. उसने मेरी ज़िप को खोला और एक ही झटके में मेरा लंड खच से बाहर खीच लिया और बोली मुझे – आई क्योऊ इट. इट्स टू बिग. और फिर पहले मेरे लंड को चारो ओर से और टोपे को चाटा और फिर अपने होठो से चुसना शुरू किया. मैंने अब उसके बालो को पकड़ा और रंडी की तरह लंड चुसवाया. मैंने अपना पूरा लंड उसके मुह में डाल दिया और उसके गले तक फसा दिया. फिर जब वो बड़ी – बड़ी आँखे करके मेरी तरफ देखने लगी, तभी मैंने बाहर निकाला. अब मैंने जेनी को उल्टा बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूत के दर्शन किये. एकदम टाइट नार्थईस्ट चूत चिकनी और लाल. मेरे मुह में तो पानी आ गया और मैंने पूरी चूत के अन्दर जीभ डाल दी. जेनी ने कहराना शुरू कर दिया उम्म्म्मम्म आहाहहः प्लीज अहहहः … कैन आई मेक नॉइज़ लाउड? मैंने कहा – हाँ मेरी रंडी, जोर से चीख….
उसकी पूरी गांड उसके चूत के पानी से भीग गयी थी और मैं सारा पानी पी गया. अब मेरे लंड को चूत की भूख थी. जेनी की लाते फैलाई और अपने कंधे पर रखी. अभी मेरे लंड का टोपा ही घुसा था, कि वो जोर से चीखी ऊऊऊउईईई..नहीं होगा… मैं बोला – साली तेरी चूत का चुतरा बनाऊंगा, तू बस देखती जा. और अपना लंड एक ही झटके में अन्दर गुसा दिया. जेनी ने अपनी गांड एकदम ऊपर उठा ली और मैं गांड के नीचे हाथ डालकर हवा में ही उसे चोदने लगा और बीच – बीच में उसके पेरो की उंगलिया चूसता. जेनी अब मस्त हो चुकी थी. कभी अपने बालो को पकडती, कभी मेरी जांघो को. लंड पूरा गरम होकर अन्दर – बाहर हो रहा था. जेनी के होठ एकदम प्यासे थे. मैंने लंड निकाला और उसके मुह में डाल दिया. फिर वो बहुत मज़े से चूसने लगी और मैं अपनी २ उंगलिया उसकी चूत में डालकर चूत फाड़ने लगा. अब हम दोनों एकदम गरम थे. अब मैंने उसे कुतिया बनाया और अपना लंड घुसाया अन्दर. मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अन्दर चले गया.
और मैं उसके बालो को पकड़कर अपने हाथ की उंगलिया उसके मुह में डालकर उसके लंड चूसने की प्यास बुझाता. जेनी अब जोर – जोर से चीखने लगी…. यायाआआअ आआअह्हह्हह फक मी.. मी… फक मी… हार्ड… प्लीज फक मी… याआआआअ… “हाँ, साली कुतिया, चोदुंगा तुझे. अब तू मेरी रांड है.” जेनी – हाँ पंजाबी आकाश, तू बहुत मस्त गरम है. आई लव पंजाबी गाइस. अब जेनी की आवाज़े निकलने लगी… अहहहः अहहहहः हम्मम्मम्म हहहहः ,,,ऊऊऊऊईईईईइमा… और साली छिनाल झड़ गयी. मैं उठा और बोला – नीचे बैठ. एक ही बार में वो नीचे बैठ गयी अपने घुटनों पर, रंडी की तरह. मैंने उसके बाल पकडे और मुह में डाला. ले साली अब ले.. वो मेरा लंड मज़े से चूस रही थी. मैं पूरा तैयार था झड़ने के लिया. मेरा झड़ने लगा और मैंने उसके बाल पकड़ कर उसके मुह को ऊचा करके ठीक अपने लंड के सामने कर दिया. वो और भी जोर से चूसने लगी और मेरी पूरा माल निकल गया. वो रांड कुतिया… मेरा पूरा माल पी गयी उम्म्म्मम्म्म्मम्म… फिर उसने मेरे लंड को पूरा चाट कर साफ़ किया और जो माल उसके मुह पर या शरीर पर गिरा.. उसने उसको अपने मुह पर जिस्म पर मॉल लिया. तो इस तरह हॉस्पिटल में डॉक्टर साहिबा चुदी. उसके बाद, मैंने जब तक वहां रहा, मैंने उसकी खूब चुदाई की

शुक्रवार, 27 मार्च 2015

टपोरी लड़का

दोस्तों यह एक साल पहले की बात है.. मेरे छोटे भाई के 2 दिन के बाद परीक्षा शुरू होने वाली थी और उसका पहला पेपर गणित का था.. लेकिन उसके चश्मे का नंबर बढ़ गया था.. इसलिए मेरी माँ उसे डॉक्टर के पास ले गयी थी. मेरा भाई और उसका दोस्त विपिन मिलकर पढ़ाई करने वाले थे. विपिन की कोचिंग में दूसरे ही दिन गणित का टेस्ट था और वो स्कूल के एग्जाम के पहले था और मेरा भाई गणित में बहुत अच्छा था. विपिन एक टपोरी लड़का था.. वो बहुत शरारती, मस्तीखोर, बत्तमीज और पढ़ाई में बहुत खराब था और वो हम लोगों के इलाके में एक छोटी सी खोली में रहता था. उसे मेरा भाई हमारे घर पर आज गणित सिखाने वाला था.. इसलिए वो हमारे घर आया.. लेकिन मेरे भाई ने विपिन को नहीं बताया था कि वो आज डॉक्टर के पास जाने वाला है. तो विपिन दोपहर को ही हमारे घर पर आ गया और में उस समय घर पर बिल्कुल अकेली थी. तो मैंने उसे बताया कि मेरा भाई डॉक्टर के पास गया है और क्या तुम्हे उसने पहले नहीं बताया था कि वो आज घर पर नहीं मिलेगा? तो वो कहने लगा कि नहीं उसने मुझे कुछ भी नहीं बताया और फिर उसने कहा कि क्या वो मेरे भाई की गणित की किताब लेकर जा सकता है? तो मैंने उससे कहा कि तुम इधर ही रुक कर पढ़ाई कर लो और शायद हो सकता है कि मेरा भाई भी एक घंटे में आ जाए.
तो वो अंदर आ गया और सोफे पर बैठ गया और उसने मुझसे पीने को पानी माँगा और मैंने उसे किचन से पानी लाकर दिया और में उसे अपने भाई की गणित की किताब लाने के लिए अंदर चली गयी. फिर जब में बाहर आई तो वो मेरी किताब ( जो में उसके आने के पहले पढ़ रही थी और वो सोफे पर ही रखी थी ) पढ़ रहा था. उस किताब में प्यार पर आर्टिकल था और फोटो भी थे. तभी मैंने उससे किताब छीन ली और बहुत डाटा.. लेकिन वो बेशार्मो की तरह हंस रहा था और फिर उसने मुझसे सॉरी कहा और किताब लेकर बैठ गया और हमेशा उसके मुहं पर पूरे टाईम बेशार्मो वाली स्माईल रहती थी. फिर वो मुझे बार बार देखकर हंस रहा था जैसे उसे मेरा सीक्रेट पता चल गया है. तो में वहाँ से उठकर अपने रूम में चली गयी और फिर से अपनी किताब पढ़ने लगी. तभी कुछ देर बाद मुझे ऐसा लगा कि अगर उसने बैठक रूम में से कुछ सामान उठा लिया तो? और इसलिए में फिर से बाहर गयी.. तो वो सोफे पर लेटकर पढ़ रहा था और में उसे देखकर चौंक गयी कि यह लड़का इतना बत्तमीज कैसे हो सकता है? फिर मैंने उसे उठने को नहीं कहा और सीधा सोफे पर उसके पास बैठने चली गयी.. यह सोचकर कि शायद वो मुझे देखकर उठेगा.. लेकिन उसने बस अपना पैर हटाया और मुझे बैठने दिया और उसका पूरा ध्यान अपनी किताब में ही था. तो में भी अपने मोबाईल में व्यस्त हो गयी और ऐसे ही मैसेज टाईप करते करते मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मुझे घूर रहा था और वो भी बहुत देर से और उसकी नज़र मेरे चेहरे पर नहीं थी. फिर मैंने उसे ध्यान से देखा तो वो मेरे बूब्स की गली की तरफ देख रहा था और मुझे याद आया कि विपिन के आने से पहले मैंने अपनी ब्रा को निकाल दिया था और में आर्टिकल पढ़ते पढ़ते अपनी निप्पल को सहला रही थी और में विपिन के अचानक से आने पर अपनी ब्रा को पहनना भूल ही गयी. एक तो में टी-शर्ट भी बहुत टाईट पहनी हुई थी और अब मेरे निप्पल भी बहुत साफ साफ टी-शर्ट में से दिख रहे थे और फिर मैंने किताब से अपनी निप्पल वाला भाग ढक लिया.
फिर मैंने विपिन से कुछ भी नहीं कहा.. क्योंकि में उससे कुछ बोल ही नहीं पाई. मेरे भाई का दोस्त अब मेरे बूब्स देख रहा था यह सोचकर मुझे बहुत अजीब लगा.. मेरे लिए मेरा भाई बच्चो जैसा है और मुझे उसके दोस्त भी बच्चे ही लगते थे भले ही वो ज्यादा उम्र का हो. हम दोनों में 4 साल का अंतर है और मैंने कभी भी मुझसे कम उम्र वालों की तरफ उस नज़र से नहीं देखा था. फिर में बहुत शांत हो गयी और मैंने पढ़ते पढ़ते फिर से विपिन की तरफ देखा.. वो भी मेरी तरफ देखने लगा और हम दोनों एक दूसरे की आँखो में बिना कुछ कहे घूर रहे थे. वो भी बिना किसी के डर के मेरी आँखों में बिना नज़र हटाए देख रहा था और मेरी धड़कने बहुत तेज़ हो गयी और मुझे यह अहसास जाना पहचाना सा लग रहा था. तो मैंने अपनी नज़रे उसकी तरफ से हटाई और में किताब में देखने लगी. तभी मैंने विपिन की तरफ फिर से देखा तो वो मेरे शरीर को पूरी तरह से देख रहा था और उसने अपनी नशीली आँखों से मेरी तरफ देखा. तभी मुझे उसकी पेंट में उसके खड़े लंड का आकार दिखाई दिया और मेरी गरम चूत से खुद ब खुद पानी निकलने लगा और अब मुझे पता चल गया कि मुझे क्या अहसास हो रहा था?
तभी में जल्दी से उठकर अपने रूम की तरफ चली गयी और विपिन भी जल्द से उठकर बैठ गया और मुझे अपने रूम में जाते वक़्त बड़े ध्यान से देखने लगा. फिर मैंने रूम में अंदर घुसते वक़्त सोफे पर बैठे हुए उसकी तरफ देखा और हम 5 सेकिण्ड तक एक दूसरे को ऐसे ही घूरते रहे और में अंदर चली गयी और फिर मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया. फिर मैंने अपने कपड़े उतार कर फेंक दिए और अपने आप को सहलाने लगी. मैंने अपनी चूत में ऊँगली डालनी शुरू कर दी.. लेकिन यह बहुत ग़लत था और मुझे उस लड़के की वजह से गर्माहट महसूस हो रही थी.. में पूरी तरह गरम हो चुकी थी. मेरी चूत अब मुझसे एक लंड मांग रही थी और मेरा अपने आप पर कोई वश नहीं था. वो दूसरे रूम में था और में अपने कमरे में नंगी होकर अपनी चूत को सहलाकर ठंडा करने की कोशिश कर रही थी.
तभी मुझे दरवाज़े के नीचे वाले हिस्से से दिखाई दिया कि दरवाज़े के बाहर कोई खड़ा है और में समझ गयी कि यह विपिन ही है. तो में ज़मीन पर लेट गयी और खुद को सहलाने लगी और विपिन भी ज़मीन पर झुककर दरवाज़े के नीचे के हिस्से से अंदर देख रहा था. में उसके सामने ही उसे अपनी चूत दिखाते हुए नीचे ज़मीन पर लेटी थी. तभी डोर बेल बजी तो में जल्दी से उठी और कपड़े पहनकर बाहर गयी तो मैंने देखा कि हॉल में उसकी किताब सोफे पर पड़ी थी.. लेकिन विपिन वहां पर नहीं था. फिर वापस से एक बार और डोर बेल बजी और मैंने दरवाज़ा खोला तो वॉचमेन था और वो लाईट का बिल देने आया था. फिर मैंने उससे बिल लिया और जल्दी से दरवाज़ा बंद कर दिया और विपिन को ढूँढने लगी और फिर मुझे हॉल में एक अंडरवियर ज़मीन पर पड़ी हुई मिली और मैंने अंडरवियर उठाई और उसे ढूँढने लगी. मैंने उसे बाथरूम में देखा तो वो वहाँ पर भी नहीं था और फिर में मेरे भाई के बेडरूम में गयी तो वो वहाँ पर चुपचाप खिड़की की तरफ खड़ा था. तभी मैंने उससे पूछा कि यहाँ पर क्या कर रहे हो? तो वो कुछ नहीं बोला और फिर थोड़ी देर मुझे घूरने के बाद बोला कि मुझे बहुत डर लगा कि कोई आ गया है तो में यहाँ पर आकर छुप गया. फिर मैंने उससे पूछा कि क्या यह तेरी अंडरवियर है? तो उसने कहा कि हाँ. फिर मैंने उससे पूछा कि इसे क्यों निकाली थी? तो उसने फिर से नशीली आँखों से घूरते हुए कहा कि ऐसे ही.
तो मैंने उससे पूछा कि सीधे सीधे बता क्यों निकाली थी? लेकिन वो कुछ नहीं बोला. तो मैंने कहा कि तू जब तक नहीं बताएगा.. में तब तक तुझे तेरी अंडरवियर नहीं दूँगी. फिर मैंने उसकी अंडरवियर ली और हॉल में चली गयी और सोफे पर जाकर बैठ गयी. तो मुझे पता चल गया कि वो शायद पहले नंगा हुआ होगा और बेल बजने पर जल्दी जल्दी में कपड़े लेकर रूम में भाग गया होगा.. लेकिन में जानना चाहती थी कि वो नंगा हो कर क्या करने वाला था? और वो बहुत देर तक उस रूम से बाहर नहीं निकला. तो में फिर से अपने भाई के रूम में देखने गयी तो वो बेड पर नंगा बैठकर अपना लंड हिला रहा था. तभी उसने मुझे देखा तो उसकी आँखों में बिल्कुल भी डर नहीं था.. किसी और के घर में अपने फ्रेंड की बड़ी बहन के सामने नंगा होकर लंड हिलाने की बात पर उसे कोई भी डर या शरम नहीं थी.. बल्कि वो मुझे अपनी नशीली आँखों से घूर घूरकर देखता रहा. उसका लंड बहुत बड़ा था.. करीब 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा और वो एकदम तनकर खड़ा था.. शायद वो मेरी चूत को सलामी दे रहा था.
मुझे अपने से छोटी उम्र के लड़के के खड़े लंड को देखकर अलग सा अहसास हुआ और में इतना खूबसूरत लंड देखकर चौंक गयी थी.. लेकिन उम्र में बड़ी होने की वजह से कुछ भी नहीं बोली. में उसे डांटने का नाटक तक करना चाहती थी.. लेकिन कुछ बोल ना सकी और में चुपचाप हॉल में चली गयी और किताब पढ़ने का नाटक करने लगी. फिर मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि में क्या करूं? और अब मेरी चूत गीली हो चुकी थी और में अभी भी यही सोच रही थी कि क्या यह सब ग़लत तो नहीं हो रहा? और वो लड़का मुझसे छोटा है. तभी विपिन वैसे ही नंगा मेरी तरफ हॉल में आया और मेरे सामने आकर खड़ा हो गया और अपने लंड को जोर जोर से हिलाने लगा. तो में उसे वहाँ से भगाना चाहती थी या भगाने का नाटक करना चाहती थी.. लेकिन वो भी मुझसे नहीं होने वाला था. फिर मेरी चूत भी लंड की प्यासी हो गयी थी और मेरा मुहं भी लंड के लिए सूख गया था और लंड लिए मेरे पूरे बदन में बिजली दौड़ रही थी.. में फिर भी किताब में ही देखती रही.
तभी विपिन ने मेरे हाथ से किताब छीनकर फेंक दी और मेरी तरफ देखने लगा. फिर मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने मुझे किस का इशारा किया और जोर से अपना लंड हिलाता रहा और में उसके लंड को 1 मिनट तक देखती रही और निहारती रही.. मुझे अब उसके लंड पर टूट पढ़ना था.. लेकिन वो मेरे भाई का फ्रेंड था और वो मेरे भाई को ब्लॅकमेल भी कर सकता था और मुझे भी ब्लॅकमेल कर सकता था.. इसलिए में अभी भी कुछ नहीं कर रही थी.. लेकिन मेरा पूरा शरीर कुछ और ही बोल रहा था और मन कुछ और.. तो मैंने धीमी आवाज़ में कहा कि अब बंद भी कर यार. तो उसने मुझसे कहा कि लो ना.. में चुप बैठी रही और वो मेरे मुहं की तरफ लंड को करीब लाया और मुझे उसके लंड की खुश्बू आने लगी.. में झुकी हुई थी और माथे पर हाथ था और उसका लंड मेरे होंठो से सिर्फ़ थोड़ी ही दूरी पर था और अगर वो हल्का सा भी आगे आता तो मेरे होंठो को उसका लंड छू जाता. मैंने वापस लंड की तरफ देखा और उसकी तरफ देखा.. तो वो मेरे पास में आकर सोफे पर लेटकर लंड को हिलाने लगा. हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे और वो ज़ोर ज़ोर से लंड को हिलाने लगा. फिर आखिरकार उसका वीर्य गिर ही गया और उसका बहुत सारा वीर्य निकला और में उसके लंड की तरफ ही देखती जा रही थी. वो दो मिनट ऐसा ही पड़ा रहा और फिर बाथरूम में जाकर लंड धोकर बाहर आया और वो मेरे पास में आकर नंगा थककर बैठा हुआ था. मैंने उससे पूछा कि यह क्या था? तो उसने कहा कि तुझे देखकर जोश चड़ गया था. वो मेरे सामने अपने बड़े लंड को लेकर हिला रहा था.. फिर वीर्य को गिराया और अब मेरे पास में बिना किसी शर्म के नंगा बैठकर मुझसे बातें कर रहा है.
तो हम कुछ देर तक ऐसे ही शांत बैठे रहे. तभी उसने सोफे पर लेटते हुए मेरी गोदी में सर रखा.. लेकिन में चुप रही और उसने फिर अपनी उंगली से मेरे निप्पल को छुना शुरू किया और मुझे उसका ऐसा करना बहुत अच्छा लग रहा था.. में बस चुप रही. फिर वो ऐसा कुछ देर तक करता रहा और जब में कुछ नहीं बोली तो उसने धीरे धीरे मेरे बूब्स को दबाना शुरू किया. अब जब में बिल्कुल शांत रही तो उसने सीधा टीशर्ट के ऊपर से ही निप्पल को काटना शुरू किया और वो टी-शर्ट के ऊपर से ही निप्पल को दांत से खींच रहा था.. लेकिन मेरा शरीर शांत था. में कुछ नहीं सोच रही थी.. बस जो होगा वो होने दे रही थी. फिर उसने नीचे से मेरी टी-शर्ट को थोड़ा ऊपर किया और मेरे नंगे बूब्स को चूमने लगा, काटने लगा और सहलाने लगा. फिर उसने मुझसे टी-शर्ट को उतरवाया और मेरी गोद में ही सर रखकर वो यह सब कर रहा था.. मेरी नाभि को भी चाट रहा था. जब उसने मेरी नाभि में जीभ डाली तब मेरे मुहं से सिसकियाँ निकली.
फिर वो उठ गया और मेरी चूत को मेरी जिन्स के ऊपर से ही चाटने लगा.. उसने मेरी जिन्स उतरवाई और पेंटी भी उतरवाई और चूत चाटने लगा. फिर वो चूत चाटते चाटते एकदम रुककर मेरी चूत को बहुत देर तक देखता रहता.. जैसे कि उसने पहली बार चूत को देखा हो. फिर में भी उसका साथ देने लगी और उसने जब मेरी चूत में जीभ डाली तो मैंने अपने पैर उसके सर के आस पास लपेट लिए और ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ माँ करने लगी. फिर उसने मुझे लेटा लिया और खुद भी मुझ पर लेट गया और किस करने लगा.. फिर वो अपने घुटनो पर खड़ा हुआ और मुझे बैठा दिया. हम दोनों एक दूसरी की आँखों में देख रहे थे और वो अपना लंड मेरे होंठो पर छूने लगा और रगड़ने लगा.
फिर मैंने मुहं खोला और उसका लंड पूरी तरह से अंदर लिया और बहुत देर तक चूसा.. चूसते वक़्त वो बहुत सेक्सी आहें भरने लगा और मुझे उसकी आहें सुनने में बहुत मज़ा आ रहा था.. वो आहह आहह करते हुए मेरे मुहं की चुदाई करने लगा. तभी अचानक से मेरे मुहं से लंड बाहर निकालकर मुझे किस करने लगा और लेटकर मेरे पैर फैलाकर अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा.. लेकिन उसे डालते वक़्त थोड़ा दर्द होने लगा. तो मैंने उससे कहा कि लंड पर थोड़ा थूक लगा लो.. फिर उसने वही किया और मेरे पैरों के बीच में लेटकर मुझे चोदने लगा. वो चुदाई करते करते मुझे किस करता रहा. फिर 5 मिनट के बाद ही उसने वीर्य मेरी चूत के अंदर ही गिरा दिया और मुझ पर वो वैसे ही पड़ा रहा.. लेकिन मेरी चुदाई अभी पूरी नहीं हुई थी. फिर उसने मुझे कुछ देर तक किस किया और बैठ गया.. में लेटी रही और उसे देखती रही. वो वापस मेरी तरफ आया और मेरे निप्पल को चूसने लगा और 5 मिनट तक बूब्स के साथ खेलता रहा.. हम उठे और एक दूसरे से लिपटकर बैठे रहे. फिर मैंने उससे पूछा कि यह सब कैसे सीखा? तो उसने बताया कि उसकी कोचिंग टीचर के साथ भी उसने एक बार सेक्स किया है. उसकी कोचिंग टीचर दो बच्चों की माँ है और वो 40 से भी ज़्यादा उम्र वाली है.
फिर मैंने उससे कहा कि क्या ऐसे किसी के सामने सीधे नंगे होते वक़्त तुम्हे डर नहीं लगता? तो उसने कहा कि उसे उस वक्त सेक्स का जोश बहुत चड़ गया था. फिर उस दिन के बाद हमने करीब 10 बार सेक्स किया है.. वो अब चुदाई में और भी बेहतर होता जा रहा था.. वो करीब 15-20 मिनट तक 2-2 बार चोदता है और उसको हमेशा अलग अलग स्टाईल में वीर्य गिराने में बहुत मज़ा आता है. में कभी उसे खुद नहीं बुलाती.. वो खुद सीधा घर पर किसी ना किसी बहाने से पहुंच जाता है और घर खाली होता तो घर पर सेक्स करते है या छत पर, सीढ़ियों पर, स्कूल के पेपर के दिनों में भी उसने मुझे बहुत बार चोदा है ..

रविवार, 16 नवंबर 2014

Saheli,bahan ki, ke Sath Maje ki Chudai

Bahan ki Saheli ke Sath Maje ki Chudai
हैलो मेरा नाम आनन्द है। मैं जो कहानी आपको बताने जा रहा हूँ वो एकदम सत्य तो है ही, साथ ही यह घटना मेरे साथ सिर्फ़ 6 दिन पहले हुई है।
तो हुआ यह कि मैं अपने कंप्यूटर पर बैठा ब्लू-फिल्म देख रहा था, तभी कुछ देर में मेरे पापा आ गए, मैंने सब बंद कर दिया।
वे बोले- चलो आज सबको घुमा कर लाते हैं।
मैंने सोचा अगर मैं गया तो सारा मज़ा बेकार हो जाएगा, इसलिए मैंने जाने से मना कर दिया।
सब चले गए, मैं घर में अकेला था, मैंने फिर से ब्लू-फिल्म चालू कर दी।
तभी मेरी बहन की सहेली उसे पूछने आ गई कि मेरी बहन कहाँ है?
मैंने कहा- सब बाहर गए हैं।
तो उसने मुझसे पूछा- तुम क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- कंप्यूटर पर बैठा हूँ  तो बोली- मैं अपनी मेल चैक कर लूँ?
मैंने ‘हाँ’ कह दिया।
मैंने कहा- तुम अपना काम करो.. मैं ज़रा टॉयलेट से हो कर आता हूँ।
जब मैं आने को हुआ तो मुझे याद आया कि मैंने वीडियो प्लेयर बंद नहीं किया था और नीलम सब कुछ देख रही थी।
मैं उसे खिड़की से देखता रहा।
उसका चेहरा कंप्यूटर की तरफ़ होने से उसने पीछे नहीं देखा कि मैं पीछे खड़ा हूँ।
वो सब कुछ देख रही थी और बहुत गर्म हो चुकी थी। इतने में उसने अपने मम्मे ऊपर से दबाने शुरु कर दिए।
मेरा लंड खड़ा हो चुका था और मैं तो पक्का फ़ैसला कर चुका था कि हो ना हो, ये आज मुझसे चुद कर ही जाएगी।
फिर मैं थोड़ा और पीछे चला गया और मैंने हल्की सी आवाज़ निकाली, वो समझ गई कि मैं आ रहा हूँ।
उसने प्लेयर बंद कर दिया।
मैं आया तो उससे पूछा- मेल चैक कर लिए?
तो बोली- हाँ.. कर लिए।
फिर मैंने हिम्मत बांध कर उससे कह ही दिया- नीलम तुम जो देख रही थी वो मैं पीछे खिड़की के पास खड़ा होकर देख रहा था।
तो वो शर्म गई और कुछ नहीं बोली।
मैं समझ गया कि मामला फ़िट हो गया।
मैंने दोबारा ब्लू-फिल्म चालू कर दी, अब हम दोनों देखने लगे।
वो तो गर्म हो ही चुकी थी।
तभी मैंने कहा- देखती ही रहोगी या फिर?
तो वो हल्की सी मुस्कुराहट लाई।
मैंने तभी बिना वक्त गंवाए किए उसकी जांघ पर हाथ रख दिया।
उसने मेरे हाथ को पकड़ लिया।
फिर मैं अपने हाथ को धीरे-धीरे उसके ऊपर की तरफ़ लाने लगा।
उसके मम्मों को दबाना शुरु किया, फिर उसे चुम्बन करने लगा।
फिर मैंने उसका एक हाथ अपने लंड पर रख दिया, वो उसके साथ खेलने लगी।
करीब 5 मिनट तक हम चुम्बन करते रहे।
फिर मैं उसे बिस्तर पर ले आया और धीरे-धीरे उसके कपड़े उतारने लगा।
मैंने पहले उसका कमीज उतारा तो उसकी ब्रा दिखने लगी।
मैंने उसकी ब्रा भी उतार कर उसकी चूचियाँ मसल दी।
उसके मुँह से अजीब-अजीब सी आवाज़ें निकालने लगी.. मानो कह रही हो कि मेरी चूत को जल्दी शांत करो।
उसके रस से भरे मम्मों को देख कर मैं दंग रह गया। मैंने उसको चाटना शुरु कर दिया।
तो बोली- पहले कपड़े तो उतार लो।
फिर मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल दिया और सलवार उतार दी।
उसने काले रंग की पैंटी पहनी थी। फिर मैंने उसे मेरे कपड़े उतारने को कहा तो उसने पहले मेरी पैंट, फिर कच्छा उतारा।
मैं बनियान में था तो बनियान मैंने खुद उतार दी।
अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे। पहले मैंने उसकी चूत चाटनी शुरु कर दी।
तो वो बोली- यह क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- असली मज़ा तो इसी में है।
उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं, कहने लगी- खा जाओ, फाड़ डालो मेरी चूत को और आऊऊ ज़ोर से… आअह्ह्ह ह्म्म..’
फिर मैंने अपना 6′ इंच का लंड उसके हाथ में दे दिया और कहा- इसे चाटो।
उसने फ़टाफ़ट अपने मुँह में ले लिया और चाटने लगी।
मेरे लंड से हल्का-हल्का पानी निकलने लगा, मैंने कहा- ये अमृत है इसे पी जाओ।
वो पीकर बोली- खट्टा-खट्टा है।
फिर मैं उसके पैरों के पास गया और उसकी टांगें फ़ैला दीं और उससे कहा- अपनी चूत का छेद खोलो।
उसने अपने चूत का छेद और चौड़ा कर दिया।
फिर मैंने अपना लंड जैसे ही उसकी चूत पर रखा तो उसके मुँह से ‘आआह्ह्ह’ की आवाज़ निकली।
मैंने एक झटका दिया और आधा लंड उसकी चूत में अटक गया, तो वो चिल्ला पड़ी और बोली- बाहर निकालो.. प्लीज बहुत दर्द हो रहा है।
मैं कुछ देर हल्के-हल्के झटके देता रहा उसकी चूत से खून निकलने लगा, मगर उसने नहीं देखा।
फिर जब वो पूरे जोश में आ गई तो मैंने एक तगड़ा झटका और दिया और पूरा 6′ का मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया और वो फिर से चिल्लाई।
मगर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे चिल्लाने नहीं दिया।
कुछ देर तक उसको चूमने और चूसने के बाद वो और गरम हो गई। उसके मुँह से आवाज़ निकली- और घुसाओ..और ज़ोर से..चोदो..
मैंने अपनी रफ़्तार और बढ़ा दी अब वो भी अपने चूतड़ उठा-उठा कर साथ देने लगी और हमारी आवाज़ें निकलती रहीं ‘आअह्ह ह्हह अह्ह मम्म.. हये मार डाला… और ज़ोर से…’
उसका पूरा छेद मैंने फ़ाड़ डाला।
करीब आधे घंटे बाद उसका पानी निकल गया मगर मैं उसे कुछ देर तक और चोदता रहा, फिर मेरा भी पानी निकल गया।
मैंने अपना सारा माल उसके मुँह में डाल दिया और उसे पिला दिया।
फिर मैंने उसे अपना लंड चाटने को कहा तो बोली- अब तो मैं चुद चुकी हूँ, अब क्या?
तो मैंने कहा- दोबारा मेरा लंड खड़ा करो।
हम दोनों 69 की अवस्था में हो गए, मेरा लंड फिर खड़ा हो गया।
मैंने अब उसे घोड़ी बना दिया और पीछे से उसकी गांड में एक हल्का सा झटका दिया और उसकी तो मानो जान ही निकल गई हो मगर मैं हटा नहीं।
थोड़ी देर ऐसे ही रहा।
फिर थोड़ी देर बाद एक ज़बरदस्त झटका दिया और उसका मुँह अपने हाथ से बंद कर दिया। उसकी हालत तो ऐसी हो गई मानो मरने ही वाली हो।
फिर मैं ऐसे ही झटके मारता रहा। फिर वो भी मज़े लेने लगी- आआह्हह्ह..ह्हह्हह घुसाओ फ़ाड़ो और अपना पूरा बम्बू मेरी चूत में घुसा दो..और ज़ोर से..
करीब दस मिनट बाद मैंने पानी छोड़ दिया और सारा वीर्य उसकी गांड में छोड़ दिया।
फिर मैं उसे चुम्बन करता रहा और थोड़ी देर हम ऐसे ही लेटे रहे।
फिर उस दिन से मैंने उसे चोदने का सिलसिला रोज़ शुरु कर दिया। जो शायद अब उसकी शादी पर ही खत्म होगा।

शुक्रवार, 11 जुलाई 2014

चोद लो मेरी बीवी

अरे यार, मैं कह रहा हूँ न ? एक दिन चोद लो मेरी बीवी और अगर तुम्हे चोदने में मज़ा आये तो आगे भी चोदते रहना ? इसमें कुछ सोंचने समझने की जरुरत नहीं है।  चाहो तो मेरे घर में ही चोदो मेरी बीवी और चाहो तो अपने घर ले जाकर चोदो मेरी बीवी ? एक बार जब तेरे मन में मेरी बीवी चोदने की इच्छा हो गयी है तो फिर उसे पूरा करो ? मैं तो बहुत खुश हूँगा अगर तुम मेरी बीवी चोदोगे ? मैं एक बात का वादा करता हूँ की मेरी बीवी मस्त होकर चुदवायेगी तुमसे ?
यह फोटो देख रहो न ? इसमें मेरी बीवी मेरे एक दोस्त से चुदवा रही है। देखो न कितने मजे से और कितने प्यार से अपनी दोनों टांगें फैलाये हुए उसका लौड़ा अपनी चूत में घुसेड़ कर चुदवा रही है।  बोलती भी जा रही है, हाय मेरे राजा जोर जोर से चोदो मुझे ? पूरा लौड़ा घुसेड़ के चोदो, बहन चोद ? धकाधक चोदो मेरी चूत, भोसड़ी के ? बस, तुम भी इसी तरह का मज़ा लो मेरी बीवी चोद कर ?
मैं राजेश हूँ और अपने दोस्त संजय को समझा रहा हूँ।  इस समय संजय मेरे घर में बैठा हुआ है और मेरे साथ व्हिस्की पी रहा है।  पी तो मेरी बीवी भी रही है व्हिक्सी हम दोनों के साथ,  लेकिन बीच बीच में वो किसी काम से उठ कर चली जाती है। जब वह चली जाती है तब मैं संजय को अपनी बीवी चोदने के लिए उत्साहित करता हूँ। दरअसल, उसने पीते पीते मेरी बीवी की तारीफ की और उसको कई बार एकटक देखता भी रहा ? उसकी नज़रें मेरी बीवी की चूंचियों पर बार बार टिक भी जाती थी तो मैं समझ गया की ये मेरी बीवी चोदने की इच्छा रखता है पर संकोच बस कह नहीं पा रहा है। मैं उसकी झिझक दूर करना चाहता हूँ।  उसका संकोच मिटाना चाहता हूँ और उसे सच बोलने के लिए उकसा रहा हूँ।  मेरे मन में भी कुछ है। मैंने उसकी बीवी देखी है और मैं भी उसकी बीवी चोदने की इच्छा रखता हूँ।  कह मैं भी नहीं पाया संजय से कभी की मैं तेरी बीवी चोदना चाहता हूँ।  अब मैं सोंचता हूँ की अगर संजय मेरी बीवी चोदने लगे तो मैं उसकी बीवी आसानी से चोद सकता हूँ। मेरे बार बार कहने के बावजूद उसकी हिम्मत नहीं हुई और वह खाना खाकर वापस चला गया।
एक दिन मैं शॉपिंग के लिए एक मॉल में घूम रहा था।  वहां अचानक मेरा एक पुराना दोस्त राका मिल गया।
मैंने उसके कंधे पर हाथ मार कर कहा :- यार राका तू कब आया विदेश से ?
वह बोला :- अरे वाह राजेश, अभी एक हफ्ता पहले ही आया हूँ यार तुम कैसे हो दोस्त ? बहुत दिनों के बाद मिल रहे हो ?
मैंने कहा :- अच्छा हूँ यार ? तुम बोलो नेहा भाभी कैसी है ?
उसने कहा :- हां बिलकुल ठीक ठाक है तेरी नेहा भाभी ?  पर मेरी सीमा भाभी कहाँ है, राजेश ?
मैंने कहा :- आजकल वह माईके गयी है अपनी ।   चोदी
वह बोला :- तो तुम मेरे साथ मेरे घर चलो वहां खूब बातें करेंगे।  नेहा भी खुश हो जाएगी तुमसे मिलकर ?
शाम के करीब ८ बजे थे मैं उसके घर चला गया।  मैं जब नेहा भाभी से मिला तो उसे देखता ही रह गया।  बड़ी मस्त हो गयी थी नेहा भाभी ? मजे की गदरा  गयी थी और चूंचियां तो बड़ी बड़ी हो गयी थी गांड भी खूब उभर आयी थी और उसकी गुन्दाज़ बाहें भी बड़ी सेक्सी लग रही थी। मेरा तो दिल आ गया उस पर और मेरा लण्ड साला अंदर ही अंदर उछल कूद करने लगा ? हम लोग बैठे तो भाभी ने व्हिक्सी का इंतज़ाम कर दिया और खुद भी पीने बैठ गयी।  मैंने देखा की भाभी पहले से काफी खुल चुकी है। अब तो बिलकुल भी झिझक नहीं करती है और न ही शर्माती है।  बातें भी शुरू हो गयी।
  • मैंने पूंछा - यार,कितने साल तुम रहे अमेरिका में ?
  • वह बोला - ४ साल रह कर आया हूँ यार ? बड़ा मज़ा आया वहां रह कर ?
  • नेहा - हां यार राका वहां का तो रवैया ही कुछ अलग तरह का है। हम लोग यहाँ शर्माते है, झिझकते है, घबराते है, समाज से बहन चोद डरते है ? वहां इन सब चीजो को कमजोरी माना जाता है।  ऐसे आदमी को कोई पूंछता ही नहीं वहां ? इसलिए मैं भी बिलकुल बिंदास हो गयी हूँ।  अब मैं भी किसी भोसड़ी वाले से हीं डरती ? (भाभी के मुंह से निकली गालियां मुझे बहुत अच्छी लग रही थी)
  • मैं - तो वहां के लोग कैसी ज़िन्दगी जीते है भाभी ?
  • नेहा - बड़ी मस्त ज़िन्दगी जीते है मादर चोद ? बड़े बड़े क्लब है, नाईट क्लब है, स्वैपिंग क्लब है, सकिंग एंड फकिंग क्लब है वहां सब कुछ खुल्लम खुल्ला होता है ? बस एक बार आपको मेंबर बनना पड़ता है ?
  • मैं - और क्या होता है भाभी ?
  • नेहा - और क्या बस ? पकड़ी पकड़ा, पेला पेली, चोदा चोदी और क्या ?
  • मैं - अरे वाह ? क्या वहां सब लोग अपनी अपनी बीवी सबके सामने ,,,,,,,,,,,है  
  • राका - अरे यार, अपनी अपनी बीवी नहीं ? दूसरों की बीवियां चोदते है भोसड़ी वाले वह भी ग्रुप में ?
  • मैं - वाओ, तो ऐसा होता है वहाँ ? पर यहाँ तो ऐसा नहीं होता यार ?
  • नेहा - तुम गलत फहमी में हो, राका ? यहाँ भी सब होता है पर खुल्लम खुल्ला नहीं अंदर ग्राउंड होता है। यहाँ भी लोग एक दूसरे की बीवियां चोदते है ? बीवियां एक दूसरे के मियां से चुदवाती है ?
  • मैं  - नहीं भाई ऐसा नहीं है ? मैं ऐसा नहीं मानता ?
  • नेहा - अरे यार राजेश , मैं तो हर दूसरे तीसरे दिन लोगों से चुदवा कर आती हूँ। मैं राका के सामने दूसरों से चुदवाती हूँ। मुझे तो पराये मर्दों के लण्ड का चस्का लग गया है, राजेश ? मैं तो यहाँ आकर गैर मर्दों से चुदवाने के लिए तड़पती रहती हूँ ?  मेरा हसबैंड दूसरों की बीवियां मेरे सामने चोदता है ? वह भी बिना किसी की बीवी चोदे रह नहीं सकता ? (मैंने नाटक किया और दाँतों तले उंगलियां दबा ली)
  • मैंने कहा :- यार मैंने तो बहुत कोशिश की पर मुझे कोई ऐसा नहीं मिला जिससे मैं अदला बदली कर सकूँ ?
इतने में नेहा भाभी किसी काम से अंदर चली गयी ।  राका बोला यार तुम मेरे साथ कर लो न अदला बदली ? मैंने कहा मेरी बीवी नहीं है यहाँ यार तो कैसे कर लूँ ? वह बोला कोई बात नहीं बस एक बार चोद लो मेरी बीवी बाकि अब ठीक हो जायेगा ? मैंने कहा भाभी मान जाएगी क्या राका ? वह बोला मैं अभी पूंछता हूँ उससे तुम चिंता न करो ? नेहा जब वापस आयी तो राका बोला नेहा राका की बीवी माईके गयी है तो यह कैसे कर सकता है अदला बदली ? वह बोली ऊँ हूँ तो क्या हुआ ये आज कर ले वो जब आएगी तब कर लेगी ? यह सुनकर मेरी तो ख़ुशी का ठिकाना न रहा ?
                                    नेहा भाभी बोली लो एक पैग व्हिस्की और पियो फिर मैं खोलती हूँ तेरा बहन चोद लण्ड ? 
मैंने भी गिलास उठाया और एक ही बार में गट गट करके पी गया शराब ? भाभी मुस्कराकर बोली वाओ, देखो राजेश को मुझे चोदने की कितनी जल्दी है ? मैंने मन में कहा हां जल्दी तो मुझे तेरे मुंह में लौड़ा घुसेड़ने की है बुर चोदी नेहा ? इतने में मैं नेहा भाभी और राका रिनो लोग बेड रूम में आ गए।  भाभी मेरे कपडे उतारने लगी मैंने कहा नहीं भब ही पहले मैं आपके कपडे उतारूंगा ? मुझे एक एक करके कपडे उतार कर तुम्हे नंगी करने में मज़ा आएगा ? मुझे शराब का नशा तो था ही  लेमिन उसके ऊपर नेहा की चूंची और चूत देखने का नशा ज्यादा था।  मैंने पहले साड़ी उतारी फिर उसका ब्लाउज़ खोला और फिर जैसे ही ब्रा की बटन खोली तो दोनों चूंचियां मेरे सामने तन कर खड़ी हो गयी। मैं मदहोश होने लगा ? मेरे हाथ उस पर चले गये ? मैं चूंचियां सहलाने लगा और उसकी चुम्मी लेने लगा ? तब मुझ्र ख्याल आया की अरे अभी तो इसकी चूत खोलनी है।  मैंने फ़ौरन पेटीकोट का नाड़ा खींच लिया तो बहन चोद नीचे एक पैंटी नज़र आ गयी।
                            मेरे मुंह से निकला बहन चोद एक चूत छुपाने के लिए कितने कपडे पहनती हो भाभी ? 
                            उसने कहा तुम भी तो भोसड़ी के एक लण्ड छुपाने के लिए कितने कपडे पहनते हो ?  
मैंने जब उसकी पैंटी भी उतार दी तो उसके अंदर से निकली चमचमाती हुई बिना झांट वाली एक मद मस्त चूत जिसे देख कर मेरा लौड़ा गनगनाने लगा ? मैंने पीछे मुड़ कर देखा की राका भी अपने सारे कपडे उतार कर नंगा खड़ा हुआ है।  बस इन दोनों को नंगा देख कर मेरी शर्म बिलकुल खत्म हो गयी।  मैं भाभी की चूंची और चूत दोनों सहलाने लगा ? 

बुधवार, 12 मार्च 2014

bhabi and unki bahan भाभी और उसकी बहिन को चोदा

जब मैं भाभी की गांड में ऊँगली कर रहा था तभी उसकी छोटी सिस्टर स्कूल से वहाँ आ गई और उसने हमको देख लिया और वो बेडरूम के बाहर चली गई और फिर थोड़ी देर बाद मैं और भाभी बेडरूम के बाहर आए तो वो सोफा पर बैठी हुई थी उसने हमको देख कर कहा कि तुम क्या कर रहे थे तो भाभी ने कहा कि तुम्हारे जीजू जो नहीं करते वो मैं ने इसके पास करवाया। तो उसने कहा कि मैं जीजू को बोल दूँगी पर भाभी घबराये बगैर कहने लगी कि कोई बात नहीं, मैं भी तुम्हारी सारी बातें जानती हूँ तो वो बोली कि कैसी बातें तो कहने लगी कि तुम बाथरूम में रोज क्या करती हो अपनी पुसी को रब करके उसमे उंगली रोज करती हो कि नहीं यह सुनकर वो घबरा गई, तो फिर भाभी कॉनफिडेंस में आ गई और कहने लगी कि तुम चाहो तो तुम भी मज़े ले सकती हो मुझे कोई प्राब्लम नहीं है। यह सुनकर मैं खुश हो गया कि चलो एक साथ दोनों बहनों को चोदने को मिलेगा और एक तो वरजिन है। फिर भाभी उसके पास जाकर बैठ गई और उसके स्कूल यूनिफॉर्म का स्कर्ट बहुत छोटा था उठा दिया तो मैं देख कर हैरान हो गया कि उसकी पेंटी एक दम भीगी हुई थी। तो भाभी ने कहा कि अभी तुम क्या कर रही थी हमको देख देख कर अपनी पुसी रब कर रही थी ना। और कहा कि चलो आज तुम भी पूरा मज़ा ले लो और उसकी पुसी को रब करने लगी
यह देख कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और मैं सोफा के पीछे खड़े होकर उसके बड़े बड़े टाइट बूब को दबाने लगा। अब वो भी मस्ती में आने लगी एक तरफ भाभी उसकी पुसी को सक कर रही थी और दूसरी तरफ मैं बूब्स को दबा रहा था उसके बूब बहुत ही टाइट और मोटे थे। फिर वो बोली कि प्लीज़ मेरे बूब्स को सक करो फिर मैं सोफा पर आकर बैठ गया और उसका शर्ट उतार दिया और उसके बूब को सक करने लगा उसके बूब को सक कर कर एक दम रेड हो गया और उसकी पुसी ने भी पानी छोड़ दिया था अब वो एकदम हॉट हो चुकी थी। मैं उसके सारे बदन को सक कर रहा था। फिर मैं ने अपना पेंट उतारा और मेरा मोटा और लंबा लंड उसके मुँह में देने की कोशिश करने लगा तो वो मना करने लगी पर मैं ने कहा कि जब तक तुम इसको सक नहीं करोगी यह तुम्हारी पुसी में जाने से इनकार करेगा सो प्लीस इसको सक करो। फिर वो मेरे लंड को सक करने लगी और मुझे बहुत मज़ा आने लगा।
अब मैं उसकी पुसी को सक करने लगा फिर एक बार उसकी पुसी ने पानी छोड़ दिया। भाभी ने कहा कि समीर जल्दी करो वरना कोई आ जाएगा अब यह एकदम तैयार है अपना कॉक इसकी पुसी में डालो। अब भाभी भी पूरी तरह न्यूड थी और वो भी अपनी पुसी में फिंगरिंग कर रही थी और अपनी सिस्टर को बोल रही थी कि चाटो मेरी पुसी को तुम्हारे जीजू तो इसको छूते ही नहीं है यह मुझे बहुत परेशान करती है। तो मैं ने भाभी को कहा कि तुम्हें जब भी अपनी पुसी और सारे बदन को चटवाना हो तो मुझे याद कर लेना मैं आपके सारे बदन को मसाज और चाटूँगा। तो बोली हाँ ज़रूर मैं अब तुमसे ही अपने बदन की मालिश और सक करवाउंगी। तुम इस काम में बहुत एक्सपर्ट हो। और कहा कि चलो अब इसकी पुसी की प्यास बुझा दो। यह भी बाथरूम में जा जा कर अपनी पुसी को रब करती और फिंगरिंग करती है तो वो बोली कि दीदी मैं तो जीजू और आपको रात को करते देख कर ही यह सब सीखू हूँ और मेरी पुसी में फिंगरिंग डालती हूँ। अब मुझसे इसकी खुज़ली बरदास्त नहीं होती, दीदी आप कुछ करो न। तो भाभी ने कहा की समीर जल्दी करो।

फिर मैं ने उसको सोफा पर ही लिटा दिया और उसके हिप्स के नीचे भाभी ने एक पिलो रखा क्यूंकि वो अभी वर्जिन थी। और मुझे कहा कि रोनू चलो और वो उसके मुँह के पास जाकर अपनी पुसी उसके मुँह पर रख दी और कहने लगी कि तुम इसको सक करो। मैं अपना लंड उसकी पुसी के सामने रखा और अंदर करने लगा पर उसकी पुसी बहुत ही टाइट थी वो अंदर नहीं जा रहा था यह देख कर भाभी ने कहा कि थोड़ा ज़ोर लगाओ मैंने ज़ोर लगाया पर वो अंदर नहीं गया तो भाभी ने कहा कि तुम्हारा बहुत मोटा है मैंने आज तक इतना मोटा लंड xxx मूवी में भी नहीं देखा है। और वो वहाँ से खड़ी हुई और बेडरूम में से क्रीम लेकर आई और थोड़ा मेरा लंड पर लगाया और थोड़ा अपनी सिस्टर की पुसी पर रब किया और फिर कहा कि अब अपना कॉक डालो। मैंने फिर ट्राइ किया और मेरा थोड़ा कॉक उसकी पुसी में गया तो वो रोने लगी कि मुझे दर्द हो रहा है तो भाभी ने कहा कि कुछ नहीं होगा और उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए और मुझे इशारा किया कि अब डालो तो मैंने एक ज़ोरदार धक्का दिया और सारा लंड उसकी वर्जिन पुसी में डाल दिया वो चीख पड़ी पर भाभी के लिप्स होने से उसकी आवाज़ नहीं निकली पर उसके आंशु निकल गये वो रोने लगी। तो भाभी ने कहा कि कुछ देर तुम यूँ ही रहो इसकी चूत छोटी और टाइट है इसलिए।
फिर मैं करीब ५ मिनट यूँ ही रहा और फिर मूव होने लगा अब उसको भी मज़ा आने लगा और वो भी रेस्पोन्स देने लगी और कहने लगी कि ज़ोर से और ज़ोर से कई दिनों से मैं किसी के पास जाकर चुदवाने की सोच रही थी पर कोई मुझे मिला ही नहीं एक बार मैंने अपने लिफ़्टमैन के सामने भी अपने बूब्स दबाये थे कि यह देख कर वो मुझे छेड़े औए सेक्स करे पर उसकी वाइफ वहाँ आ गई। मैंने अपने बॉय फ्रेंड को भी कहा था पर उसका लंड तो बहुत छोटा था तुम्हारा रियली में बहुत सेक्सी और मोटा लंड है अब मैं इससे ही चुदवाउंगी। फिर मैं १५ मिनट स्ट्रोक लगाने के बाद पानी छोड़ने वाला था तो भाभी ने कहा कि रोनू बाहर पानी निकलना तो मैंने फॉरन अपना लंड बाहर निकाला और उसके मुँह में पानी छोड़ दिया और उससे कहा कि तुम्हारी पहली चुदाई का जूस है तुम पी जाओ तो वो सारा मेरा पानी पी गई और कहा कि बहुत टेस्टी है।किरपया  अपने  सुझाब  जरुर भेजे,,email--manojpyasa007@gmail.com 

शुक्रवार, 26 जुलाई 2013

लंड मेरी चूत की वादियों में जाने कहा खो गया कही आपका भी खड़ा तो नहीं हो गया

लंड मेरी चूत की वादियों में जाने कहा खो गया कही आपका भी खड़ा तो नहीं हो गया

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मैं आई शहर में लोगो ने मुझे घूरा,

ब्रा खोली और मेरा दूध पी गए पूरा,

रामू चाचा आये और मेरा दाम बोल दिया,

कुछ कहू उसके पहले मेरा नाडा खोल दिया,

उनकी ये हरकत मुझे लगी तो बहुत अच्छी थी,

अगले ही पल उनके हाथ में मेरी कच्छी थी,

बेद पे चादर बिच्छी रंग बिरंगी थी,

कुछ ही पलों में मैं पूरी नंगी थी,
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उनके पास न कोई आई-पिल न कोई निरोध था,

मेरे मन में सिर्फ इसी बात का विरोध था,

उसने पकड़ के मुझे जोर से बेड पे गिरा दिया

बिना कुछ कहे अपना पूरा अन्दर मेरे डाल दिया

दर्द तो हुई मुझे बहुत पर पी गयी मैं थोड़ी थोड़ी

चाचा ने अब देख मुझे कहा बेटा बन जा अब तू घोड़ी

चुदने से पहले जितना मैं डर और घबरा रही थी

अब उतना और ज्यादा मैं उसका अपने अंदर ले रही थी

लंड मेरी चूत की वादियों में जाने कहा खो गया,

अब नीचे देखिये कही आपका भी खड़ा तो नहीं हो गया.

शुक्रवार, 19 जुलाई 2013

फायदे सेक्स के ,benefit of sex

ह तो हम सभी जानते हैं कि सेक्स न केवल आनंददायक और रिश्तों को मज़बूत बनाने वाला होता है बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। लेकिन यह किस तरह से फायदेमंद है इसे जानना शायद आपके लिए आश्चर्यभरा हो सकता है। जो इसे नहीं समझते कि यह सम्पूर्ण जीवन तथा सम्बन्धों की गुणवत्ता के लिए काफी फायदेमंद हो सकती है उनके लिए लैंगिक संभोग की क्रिया अभी भी बहुत लोगों के लिए परेशानी और घृणा का विषय होती है। निम्न कुछ बाते अच्छे सेक्स सम्बन्धों को काफी फायदे पहुंचाता है: deep deep 14-12-2011, 01:30 AM सेक्स- एक तनाव मिटाने वाली दवा सेक्स निम्न रक्त चाप में मस्तिष्क और शरीर का तनाव घटाने में मदद करता है। नियमित सेक्स करने से आपका शरीर तनावपूर्ण दशाओं का बेहतर सामना करने के लिए तैयार होता है और आपका ब्लड प्रेशर बढ़ने नहीं देता। तनाव का सामना करने के लिए सेक्स क्रिया का प्रवेश (योनि में लिंग का प्रवेश) होना ज़रूरी नहीं है दूसरी सेक्स गतिविधियाँ जैसे आलिंगन और अंतरंग गर्माहट के पल भी मददगार हो सकते हैं। सेक्स के दूसरे रूपों के बजाय प्रवेश्न सेक्स अधिक रिलैक्स करने वाला और तनाव दूर करने वाला होता है। मानवीय शरीर का निकट स्पर्श बहुत आरामदायक होता है जो सुरक्षा की अनुभूति कराता है। इससे आपको रोजमर्रा के जीवन में स्थितियों का बेहतर ढंग से सामना करने में मदद मिलती है। deep deep 14-12-2011, 01:32 AM सेक्स- एक व्यायाम के रूप में सेक्स एक बेहतरीन व्यायाम की तरह आपके लिए लाभदायक है क्योंकि सेक्स के दौरान आपके शरीर की सभी मांसपेशियां खिंचती और खुलती हैं। सेक्स आपकी अतिरिक्त कैलोरी जलाने में भी मदद करता है और यह व्यायाम करने का सबसे आनंददायक तरीका है। पूरी क्षमता से की गई एक बार सेक्स क्रिया से उतनी कैलोरी जल जाती है जितनी कैलोरी पन्द्रह मिनटों तक ट्रेड मिल पर ब्रिस्क वॉक करने पर खर्च होगी। deep deep 14-12-2011, 01:33 AM सेक्स हृदय के स्वास्*थ्*य के लिए लाभकारी सेक्स रक्त संचार सुधारता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर ठीक करता है। सेक्स क्रिया के दौरान हृदय तेज गति से धड़कता है और ज़्यादा मात्रा में रक्त को पम्प करता है जिससे रक्त संचार तेज होता है। सप्ताह में एक बार सेक्स़ करने से आपके लिए हृदयाघात (हार्ट अटैक) से पीड़ित होने का खतरा कम हो जाता है। deep deep 14-12-2011, 01:34 AM सैक्स फीलगुड का अहसास कराए सेक्स सामान्य तंदुरूस्ती को बढ़ाता है और आपके आत्मविश्वास के स्तर को बढ़ा देता है। निरर्थक सेक्स प्यार भरे सेक्स की तरह कारगर नहीं होता। अध्ययनों से पता चला है कि शादीशुदा या एक दूसरे के प्रति वफादार जोड़े बेहतर संतु*ष्ट जीवन बिताते हैं। आपसी वफादारी और घनिष्ठता से आपको भावनात्मक सुरक्षा का अहसास होता है और आंतरिक खुशियां मिलती हैं। प्यार भरे इन क्षणों के दौरान आपको अपने साथी के लिए प्यार और महत्वपूर्ण होने का अहसास आपकी आत्म-प्रतिष्ठा को भी बढ़ा देता है। deep deep 14-12-2011, 01:35 AM सेक्स-एक रिश्ते मज़बूत बनाने वाला अनुभव आपको प्यार करने वाले जोड़ीदार (पार्टनर) की निकटता और चरमसुख की ओर बढ़ने का आनंद दोनों मिलकर "प्यार के हॉर्मोन" ऑक्सीटोसिन का स्तर बढ़ा देते हैं जिससे आपसी सम्बन्ध और रिश्ते मज़बूत होते हैं। अच्छे सेक्स से लम्बे समय के रिश्तों में महबूती आती हैं । deep deep 14-12-2011, 01:36 AM सेक्स जो प्रतिरोधी क्षमता मज़बूत करे सेक्स आपके प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यून सिस्टम) को मज़बूत करके आपको संक्रमणों और बीमारियों से बचाए रख सकता है। एक सप्ताह में एक या दो बार सेक्स करने से सामान्य सर्दी जुकाम और दूसरे संक्रमणों से आपको सुरक्षा मिलती है। deep deep 14-12-2011, 01:37 AM सेक्स दर्दनिवारक (पेनकिलर) के रूप में सेक्स ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन का स्तर बढ़ाता है जिसके परिणामस्वरूप एंडॉर्फिन्सक या "हैप्पी हॉर्मोन" रिलीज होता है। एंडॉर्फिन्सक दर्द से छुटकारा दिलाने में मददगार है जिससे सिरदर्द, जोड़ों के दर्द और यहां तक कि मासिक पूर्व लक्षणों में भी राहत मिलती है। सेक्स satisfaction का असली मतलब क्या है सेक्स का पहला राउण्ड पूर्ण होने के बाद १५ मिनिट से ३० मिनिट के अन्दर पुन: उत्तेजना हो जाती है तो दूसरा 'राउण्ड' काफी लम्बा चलता है अनेक बार तो एक घंटे से भी अधिक|लेकिन यह पुरुष की योन-क्षमता पर निर्भर करता है कि उसे पहली बार स्खलित होने के कुच्छ समय (आधे घंटे) के अन्दर ही पुन: सेक्स के लिए उत्तेजना होती है या नही? इस प्रकार की शारीरिक-योन-क्षमता पाने के लिए सेक्स के पहले 'राउण्ड' के तुरन्त बाद ३०० से ४०० मिलीलीटर (एक बड़ा गिलास) गुनगुना दुग्ध अवश्य पिए| इसके लिए एक थर्मस में गर्म-गुनगुना दुग्ध सेक्स से पहले ही तैयार करके रखना उच्चित रहता है| सुबह पोष्टिक नास्ता करके ही घर से निकले| खाली पेट चाय नही पिए, जंक-फ़ूड व बाजार के तले-गले व अत्यधिक मसालेदार खाद्य पदार्थो के सेवन से जितना हो सके, बचे| ध्यान रहे; पुरुष ही स्खलित होता है स्त्री नही, स्त्री केवल चरम-आनन्द तक पहुचने के बाद ही संतुष्ट होती है| :skull: जबकि पुरुष अपने चरम पर पहुचते ही स्खलितहो जाता है/हो सकता है| तब तक स्त्री चरम तक ना पहुचे तो ऐसे में सेक्स का दूसरा 'राउण्ड' जरुरी हो जाता है क्योकि सेक्स के दोरान दोनों की संतुष्टी आवश्यक है| कुच्छ लोग (फॉर-प्ले) सेक्स के दोरान व पूर्व में सेक्स उत्तेजना के लिए किये जाने वाले शाररिक क्रियाये जैसे एक दुसरे को भीचना, रगड़ना, मसलना, चूमना, चाटना, हलके से दातो से काटना, चुभोना अथार्त दातो से हलके चुम्बन करना जैसी क्रियाओं से ही स्त्री को संतुष्ट करने के दावे करते है| ये बिलकुल गलत है| :nono: ये क्रियाये (फॉर-प्ले) केवल स्त्री-पुरुष द्वारा एक दुसरे को उत्तेजित करने के लिए होती है न की संतुष्ट करने के लिए| हाँ, यदि ये (फॉर-प्ले) योनि में लिंग के संचलन के दोरान की जाती है तो स्त्री को शीघ्र ही चरम पर पहुचाने में बहुत ही सहायक होती है इसे सेक्स के दोरान थोड़े से अभ्यास व मानसिक संतुलन से किया जा सकता है| :girl: deep deep 09-03-2012, 03:32 AM गर्भधारण के लिये बेहतर सेक्स पोजीशन सामान्य तौर पर गर्भ धारण के लिये शुक्राणु का बेहतर होना माना जाता है. लेकिन अब सेक्स पोजीशन भी चिकित्सकीय नजरिये से गर्भधारण में महती रोल अदा करने लगी है. हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लेकिन कई बार देखने में आया है कि कुछ सेक्स पोजीशन गर्भधारण में काफी सहयोगी भूमिका निभाती हैं. क्या कुछ सेक्स पोजीशन गर्भधारण के लिये अन्य से बेहतर होती हैं? हालांकि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कोई विशेष सेक्स पोजीशन गर्भधारण के लिये किसी अन्य पोजीशन से ज्यादा बेहतर है. लेकिन चिकित्साजगत के कुछ लोगों का मानना है कि जिस सेक्स पोजीशन से शुक्राणु को गर्भाशय में आसानी से प्रवेश व कम दूरी तय करनी पड़े उसमें गर्भधारण की संभावना ज्यादा होती है. इस आधार पर मिसनरी पोजीशन (जब पुरुष उपर हो) सबसे बेहतर पोजीशन मानी जाती है. लेकिन इसके साथ सही समय का चुनाव भी निर्णायक भूमिका निभाता है. अण्डोत्सर्ग के दौरान किया गया सेक्स गर्भधारण के लिये सबसे लाभदायक है. चूंकि पुरुष के शुक्राणु 2 से 5 दिन तक जीवित रह सकते हैं लेकिन महिला का अण्डाणु 12 से 24 घंटे ही जीवित रह सकता है. इसलिये अण्डोत्सर्ग के दौरान किया सेक्स गर्भधारण की ज्यादा गारंटी देता है. :bed: कुछ लोगों का मानना है कि जो महिला अपने पुरुष साथी के स्खलन के बाद चरमोत्कर्ष को पाती है उसके गर्भधारण की संभावना ज्यादा होती है लेकिन इस विचार की सत्यता के भी कोई प्रमाण या वैज्ञानिक तथ्य नहीं है. यहां हम यह बता देना चाहेंगे कि संभोग के दौरान किसी महिला का चरमोत्कर्ष किसी भी गर्भधारण के लिये महत्वपूर्ण नहीं है. लेकिन यह गर्भाशय के संकुचन में मददगार बनकर शुक्राणु को फेलोपियन ट्यूब में भेजने में उत्प्रेरक का कार्य करता हैं. संभोग के बाद लेटना जरूरी होता है? गर्भधारण की बेहतर परिस्थितियों के चिकित्सकों के मत के अनुसार संभोग के पश्चात महिला को कम से कम 15 मिनट लेटे रहना चाहिये. हालांकि इस बात के कोई बैज्ञानिक सबूत नहीं हैं. चिकित्सकों के अनुसार संभोग के पश्चात 15 मिनट या उससे ज्यादा समय तक लेटे रहने से योनि के अंदर ज्यादा मात्रा में वीर्य रुकता है और इस बजह से ज्यादा संख्या मे शुक्राणु निषेचन के लिये तैयार हो पाते हैं. अन्यथा यदि संभाग के बाद महिला सीधे उठ या खड़ी हो जाती है तो वीर्य उसकी योनि से बाहर आ जाता है साथ ही कम संख्या में शुक्राणु योनि में बच पाते है. इसके अलावा खड़े होने पर शुक्राणु को गुरुत्व के विपरीत तैर कर ऊपर गर्भाशय में प्रवेश करने के लिये संघर्ष करना पड़ता है. deep deep 09-03-2012, 03:39 AM गर्भधारण के लिये बेहतर सेक्स पोजीशन सामान्य तौर पर गर्भ धारण के लिये शुक्राणु का बेहतर होना माना जाता है. लेकिन अब सेक्स पोजीशन भी चिकित्सकीय नजरिये से गर्भधारण में महती रोल अदा करने लगी है. हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है लेकिन कई बार देखने में आया है कि कुछ सेक्स पोजीशन गर्भधारण में काफी सहयोगी भूमिका निभाती हैं. क्या कुछ सेक्स पोजीशन गर्भधारण के लिये अन्य से बेहतर होती हैं? हालांकि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि कोई विशेष सेक्स पोजीशन गर्भधारण के लिये किसी अन्य पोजीशन से ज्यादा बेहतर है. लेकिन चिकित्साजगत के कुछ लोगों का मानना है कि जिस सेक्स पोजीशन से शुक्राणु को गर्भाशय में आसानी से प्रवेश व कम दूरी तय करनी पड़े उसमें गर्भधारण की संभावना ज्यादा होती है. इस आधार पर मिसनरी पोजीशन (जब पुरुष उपर हो) सबसे बेहतर पोजीशन मानी जाती है. लेकिन इसके साथ सही समय का चुनाव भी निर्णायक भूमिका निभाता है. अण्डोत्सर्ग के दौरान किया गया सेक्स गर्भधारण के लिये सबसे लाभदायक है. चूंकि पुरुष के शुक्राणु 2 से 5 दिन तक जीवित रह सकते हैं लेकिन महिला का अण्डाणु 12 से 24 घंटे ही जीवित रह सकता है. इसलिये अण्डोत्सर्ग के दौरान किया सेक्स गर्भधारण की ज्यादा गारंटी देता है. :bed: कुछ लोगों का मानना है कि जो महिला अपने पुरुष साथी के स्खलन के बाद चरमोत्कर्ष को पाती है उसके गर्भधारण की संभावना ज्यादा होती है लेकिन इस विचार की सत्यता के भी कोई प्रमाण या वैज्ञानिक तथ्य नहीं है. यहां हम यह बता देना चाहेंगे कि संभोग के दौरान किसी महिला का चरमोत्कर्ष किसी भी गर्भधारण के लिये महत्वपूर्ण नहीं है. लेकिन यह गर्भाशय के संकुचन में मददगार बनकर शुक्राणु को फेलोपियन ट्यूब में भेजने में उत्प्रेरक का कार्य करता हैं. संभोग के बाद लेटना जरूरी होता है? गर्भधारण की बेहतर परिस्थितियों के चिकित्सकों के मत के अनुसार संभोग के पश्चात महिला को कम से कम 15 मिनट लेटे रहना चाहिये. हालांकि इस बात के कोई बैज्ञानिक सबूत नहीं हैं. चिकित्सकों के अनुसार संभोग के पश्चात 15 मिनट या उससे ज्यादा समय तक लेटे रहने से योनि के अंदर ज्यादा मात्रा में वीर्य रुकता है और इस बजह से ज्यादा संख्या मे शुक्राणु निषेचन के लिये तैयार हो पाते हैं. अन्यथा यदि संभाग के बाद महिला सीधे उठ या खड़ी हो जाती है तो वीर्य उसकी योनि से बाहर आ जाता है साथ ही कम संख्या में शुक्राणु योनि में बच पाते है. इसके अलावा खड़े होने पर शुक्राणु को गुरुत्व के विपरीत तैर कर ऊपर गर्भाशय में प्रवेश करने के लिये संघर्ष करना पड़ता है. deep deep 09-03-2012, 03:41 AM हाथों का प्रयोग करें महिलाओं के लिये हाथ द्वारा उत्तेजना का सबसे प्रचलित और आनंददायी तरीका उसके भग (vulva) को दुलारना और सहलाना है. शुरुआत उसकी जांघों के ऊपरी हिस्से से करें और उसके पूरे भग क्षेत्र में काम करें. योनि के निचले हिस्से को आराम से सहलाएं फिर उसकी जांघों और उसके पेरिनियम (गुदा द्वार और गुप्तांग के बीच का क्षेत्र ) को सहलाएं . फिर धीरे-धीरे उसके भगशिश्न (clitories) और योनि की ओर जाते जाएं. अपनी उंगलियों को उसके बाह्य भगोष्ठ (upper lips) पर ऊपर से नीचे फिराते हुए सहलाएं. इस दौरान उसे आराम से अंगुलियों और अंगूठे से दबाएं. इसके साथ ही यह सहलाने की प्रक्रिया धीरे-धीरे अंदर की ओर करते जाएं , इस दौरान यह ध्यान रखें की आपकी कौन सी हरकत उसे ज्यादा आनंद दे रही है, उस क्षेत्र के पास ज्यादा ध्यान दें . देखें और सीखें प्रत्येक महिला का उसके भग शिश्न की उत्तेजना का अपना तरीका होता है. यह तभी सीखा जा सकता है जब पुरुष उसे स्वयं के द्वारा हस्त क्रिया द्वारा उत्तेजित होते हुए देखे या फिर स्वयं महिला द्वारा उसे बताया जाय कि किस तरीके से उसे उत्तेजना तीव्रता और आनंददायी तरीके से आती है. फिर पुरुष उसके बताए तरीके का प्रयोग करे. यदि उसे स्वयं उत्तेजित होते हुए देखते हैं तो निम्न बातों को नोट करते जाएं- ■ उसके द्वारा प्रयुक्त किये गए स्ट्रोक (सहलाने ) की वास्तविक लंबाई. ■ भगशिश्न का कौन सा हिस्सा उसका पसंदीदा है. ( कई महिलाओं में यह हिस्सा उत्तेजना के साथ-साथ परिवर्तित होताजाता है ) ■ उसके द्वारा सहलाने की कौन सी गति प्रयुक्त की जाती है ( कई महिलाओं में यह अलग -अलग होती है) ■ सहलाने के दौरान वह कितने दबाव का प्रयोग करती है. ■ उत्तेजना के दौरान वह कहां से शुरुआत और खत्म करती है या लगातार जारी रखती है. ■ अपनी योनि में किस समय वह अपनी उंगली या उंगलियां डुबोती है, और वह कैसे स्निग्धता बरकरार रखती है. ■ इस दौरान अपने शरीर के किस हिस्से को उत्तेजित करती है या सहलाती है. ■ जब वह उत्कर्ष के निकट होती है तो कौन से लक्षण होते हैं. यदि उपरोक्त में ज्यादातर चीजें आप जान जाएंगे तो आप उसे बेहतरीन उत्तेजना देने में सफल होंगे जो वह चाहती है. कई महिलाएं हस्त उत्तेजना के दौरान अपने स्तन, निप्पल और शरीर के अन्य अंगों को सहलाना और दबाना पसंद करती हैं. इस दौरान वे इस बात का खास ख्याल रखती हैं कि जब एक हाथ जब इधर व्यस्त है तो दूसरा हाथ उसके भग क्षेत्र या भगशिश्न पर हो. इस दौरान वे आनंदानुभूति की किसी चीज को खोना नहीं चाहतीं. इसलिये अपने पार्टनर से बेहिचक पूछें की किसमें उसे ज्यादा मजा आता है. यदि वह बताने में अक्षम हो तो उसके हर अंग को सहलाकर पूछें कि किस जगह उसे सर्वाधिक आनंद आ रहा है और किस जगह में नहीं. अगले कदम में आप अपनी उंगलियों से उसके योनिद्वार को फैलाएं(खींचे) . इस दौरान आपकी उंगलियां उसके स्त्राव से निकले द्रव या आपकी लार या थूक से पूर्ण स्निग्ध होनी चाहिये . इसके पश्चात ही आप एक उंगली अंदर डालें, फिर दो उंगलियां उसके योनिद्वार में प्रवेश कराएं. फिर उंगलियों को योनिद्वार के आसपास ही फिराएं. न कि शुरुआत में ही गहराई में प्रवेश कराएं. जब तक कि वह अच्छी तरह उत्तेजित न हो जाए तब तक वहां शांति पूर्ण तरीके से धीरे धीरे रगड़ें. फिर तब तक और उंगलियां डालते जाएं जब तक कि वह बस न कह दे. फिर पूरी हथेली धीरे-धीरे घुमाएं. अब वह स्वयं चाहने लगेगी की आप उंगलियों को गहराई में ले जाएं. वहां जाकर आप या रुक जाएं या क्रिया करते रहें जब तक कि वह आपसे लिंग डालने को न कहे. जब आपकी उंगलियां उसकी योनि के अंदर होंगी तो आप अनुभव करेंगे कि उसे एक कोमल आनंद का अनुभव हो रहा है. उसकी कामुक अवस्था के लिये गए फोटोग्राफ बाद के लंबे समय के सेक्स कार्य के उत्तेजक प्रस्ताव में सहायक होते हैं. लेकिन यह सब सिर्फ अपने पति के साथ करें तो बेहतर हैं किसी पुरुष मित्र के साथ यह करना कभी कभी खतरनाक भी हो सकता है. मुस्कान के साथ गर्भद्वार वे कैसा आनंद उठाती हैं जब उनके गर्भाशय से कुछ किया जाता है. यह उनके मासिक चक्र के अनुरूप बदलता रहता है. कई महिलाओं को इस दौरान ग्रीवा (cervical) की पीड़ा से गुजरना पड़ता है तो कई महिलाएं इससे काफी उत्तेजित महसूस करती हैं. यह हर आदमी के लिये मासिक के विभिन्न समय के दौरान अपने पार्टनर के परीक्षण का विषय है कि वह देखे की कौन सा समय उसके लिये अनुकूल है. यह सावधानी हमेशा बरतनी चाहिये कि कोई भी ऐसा काम न करें जिससे उसके गर्भाशय के द्वार को कोई क्षति या चोट पहुंचे. उंगलियों के अंदर प्रवेश के दौरान हमेशा नाखून छोटे होने चाहिये. यदि आपकी उंगली में कोई चोट , घाव या संक्रमण (infection) है तो उंगलियों को कदापि योनि के अंदर नहीं ले जाना चाहिये. साथ ही गुदा द्वार में प्रवेश कराई गई उंगलियों को भी योनि में नहीं डालना चाहिये क्योंकि इससे उसे संक्रमण के खतरे बढ़ जाते हैं. deep deep 09-03-2012, 03:44 AM सहवास सहवास करने के दौरान खूबसूरती कैसें बढ़ाएं परिचय- किसी भी व्यक्ति की खूबसूरती पर उसके लंबी चलने चलने सहवास क्रिया का बहुत असर पड़ता है। यह क्रिया एक तो शरीर के अन्दर के अंगों की मालिश करती है, शरीर में खून के बहाव को बढ़ाती है वैसे ही यह शरीर को स्वस्थ और मजबूत और चुस्त बनाती है। संभोग के समय वीर्य को जल्दी निकलने से रोकने के लिये आप संभोग से पहले की क्रियाओं को देर तक चला सकती है। इसके लिये सबसे पहले पुरुष के लिंग को पूरी तरह उत्तेजित होने दें और उसे उत्तेजना की अवस्था में ही बनाए रखें। मगर इस सब क्रिया में खुद को इतना मत उत्तेजित होने दीजिए कि वीर्यपात हो जाए। सहवास के दौरान एक दूसरे के शरीर के अंगों से छेड़छाड़ करने से यौन तनाव भरी मात्रा में बढ़ जाता है तथा आप उसको जितनी देर तक रोक कर रखेंगी उतना ही आपकी खूबसूरती में बढ़ोतरी होगी। संभोग करते समय मुंह से निकलने वाली लंबी सांसों को लेने से दिल तेज गति से धड़कता है तथा शरीर में खून का बहाव बढ़ता है। जिससे शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है जो त्वचा को मुलायम और जवान बनाती है। संभोग क्रिया में कोषों को भी जितना खून चाहिए उतने ही मात्रा मिलती है जिससे शरीर के सारे अंग अच्छी तरह से काम करते है। संभोग करने की क्रिया में ज्यादा समय बिताना चाहिए जल्दी नहीं करनी चाहिए। आप ने जब सोच लिया है कि आपने आज दुनिया का सारा आनन्द लेना है तो बाकी सब कुछ भूल जाए। संभोग क्रिया की लंबी अवधि आपको बहुत आनन्द तो देती ही है साथ ही काफी समय तक आपकी खूबसूरती का उपचार भी करती है। अगर आपने अभी तक संभोग क्रिया का आनन्द नहीं लिया है तो बिना झिझक के अपने पति से बात करे और उन्हें बताएं कि आपको किस से उत्तेजना मिलती है। जब तक आपको संभोग क्रिया में मजा नहीं आएगा तब तक आपको कोई फायदा नहीं होगा और वो सुख का अवसर बनने के स्थान पर दर्दनाक काम बन जायेगा। इसलिए अपने बैडरूम में आपकों सहवास क्रिया में आनन्द लेने के लिये चाहे कितना भी बेशर्म बनना पड़े तो बनने में कोई हर्ज नहीं है। ऐसा करने से आपको अपने पति से प्यार ही मिलेगा क्योंकि जिस क्रिया में आपको आनन्द आयेगा उस में ही आपके पति को भी खुशी मिलेगी। संभोग करने की क्रिया कभी भी एक तरफ से नहीं होती इसमें अपने साथी को देने का नाम ही लेना होता है। जब-तब को छोड़ देना चाहिए अगर उत्तेजना के समय संभोग करने का नाम पहले आप पर आता है तो आने दें। यह पुरुषों के लिये ज्यादा खास होता है क्योंकि वो अपनी साथी से पहले यौनसुख को भोगता है। वीर्य निकलने से रोक देने से संभोग करने से मिलने वाली खूबसूरती बढ़ जाती है। अगर आपको लगता है कि आपका साथी संभोग क्रिया करते समय संभोग के आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है तो वीर्य को निकलने से रोकने के लिये लिंग पर अपना हाथ रखकर अपने अंगूठे को लिंग के साथ ऊपर ले जाने वाली नस पर रख दें। फिर अंगूठे से उस पर जोर से दबाव देकर छोड़ दें। लिंग की नस पर दिया गया यह दबाव वीर्य को ग्रन्थि में नहीं आने देता जिससे की वीर्यपात नहीं हो पाता अब इस संभोग करने के समय को जितना चाहे बढ़ाएं और देखें कि इससे आपके शरीर की खूबसूरती कितनी बढ़ती है। अगर आपका शरीर स्वस्थ है तो आपकी आत्मा भी जरूर खुश होगी। सहवास करने के लाभ- संभोग क्रिया करने के दौरान अगर स्त्री को मिलने वाला यौनसुख केवल शरीर को सुकून पहुंचाने को स्रोत नहीं होता बल्कि यह किसी भी बदसूरत व्यक्ति को खूबसूरत बना सकता है। यौनसुख बस एक साधारण शारीरिक प्रतिक्रिया होती है। थोड़े समय में रोजाना यौनसुख भोगने वाली स्त्री में सिर से लेकर पैरों के नाखूनों तक बदलाव आता है। संभोग क्रिया करते समय ग्रंथियों में उत्तेजना बढ़ जाती है और इस क्रिया के अन्त में मुश्किल प्रतिक्रियाएं होती है तथा पिट्यूररी ग्रन्थि खून में हार्मोन्स का स्राव करती है जो यौन अंगो में प्रतिक्रियाओं को बढ़ाते है। संभोग करने की इच्छा के लिये यौन हार्मोन्स होना जरूरी है। पिट्यूटरी ग्रन्थि को मास्टर यौन ग्रथि कहा जाता है क्योंकि इसके हार्मोन्स शरीर की दूसरी यौन ग्रंथियों पर अधिकार रखते है। यह ग्रन्थि अलग-अलग हार्मोन्स को अलग-अलग यौन ग्रन्थियों तक इस सन्देश के साथ भेजती है कि वो अपने खुद के हार्मोन्स को भरने के लिये तैयार रहे। ये यौन ग्रन्थिया जब एक बार खुद एक बार हार्मोन्स से भर जाती है तो पिट्यूटरी ग्रन्थि को सन्देश भेजती है, अब हम खुद सावधान है और हमे तुम्हारी मदद की कोई जरूरत नहीं है। इन सब ग्रन्थियों का व्यक्ति को जवान बनाए रखने और उसकी खूबसूरती बनाए रखने से सीधा संबध होता है। सहवास करने के दौरान खून को बहाने वाली नसों पर काबू रखने वाली छोटी मांसपेशियां अनैच्छिक रुप से सिकुड़ जाती है जिसके कारण स्त्रियां अपनी पूरे शरीर में गर्माहट सी महसूस करती है। छोटी खून को बहाने वाली नसें शान्त रहकर शरीर में बहुत ज्यादा खून और गर्माहट लाती है। इसी कारण से कभी-कभी पूरे शरीर की त्वचा में लालपन आ जाता है। यह प्रक्रिया त्वचा के लिए बहुत अच्छी चिकित्सा का काम करती है क्योंकि यह त्वचा की परतों में खून के बहाव को बढ़ा देती है तथा शरीर के रोम छिद्रों में तेल और नमी को पहुंचाती है जिससें त्वचा को जवानी और चमक मिलती है। त्वचा के अन्दर नमी के जमा होने से त्वचा के कमजोर होने की प्रक्रिया रूक जाती है जिससे त्वचा मुलायम और खूबसूरत बनी रहती है। संभोग क्रिया त्वचा के अलावा बाकी शरीर को भी स्वस्थ और चुस्त बनाए रखने में मदद करती है। चिकित्सा- फेफड़े- सहवास करते समय सांस चलने की गति बहुत ज्यादा तेज हो जाती है जिसके कारण शरीर में ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। जिसके कारण फेफड़े तो अपनी पूरी ताकत के साथ काम करते ही है बल्कि मुंह से निकलने वाली गन्दी सांसों के साथ शरीर के जहरीले पदार्थ भी बाहर आ जाते है। दिल- सहवास क्रिया के दौरान पूरे शरीर में खून के घूमने के दौरान खून के चलने की गति पर भी असर पड़ता है जिससे दिल की धड़कन भी नहीं बचती। व्यक्ति के आराम करने के समय नब्ज चलने की गति 72 धड़कन की होती है जो संभोग क्रिया के समय प्रति मिनट 180 हो जाती है इससे दूसरे व्यायामों की तुलना में दिल को ज्यादा काम करना पड़ता है तथा यह रोजाना की क्रिया दिल का दौरा पड़ने के खतरे को कम कर देती है। आंखें- संभोग क्रिया करते समय आंखों की पुतलियां सिकुड़ जाती है इससे आंखों के आसपास जो छोटी-छोटी मांसपेशियां होती है उनकी कसरत हो जाती है। इस दौरान बढ़ी हुई खून की रफ्तार आंखों को स्वस्थ और चमकीला बनाती है और आंखों के आसपास छोटी-छोटी झुर्रियां और फुलाव नहीं होने देती है। बाल- संभोग क्रिया करते समय बढ़ी हुई उत्तेजना के दौरान दिल की धड़कन की रफ्तार तेज होने से पूरे शरीर में तेज गति से खून का संचार होता है। यह खून शरीर के दूसरे अंगों में पहुंचने के साथ-साथ बालों की जड़ों में भी पहुंचकर उनका पोषण करता है। सिर के बालों को उस समय ज्यादा लाभ मिलता है जब आप संभोग क्रिया के समय बिस्तर पर बिना तकिया लगाए बिल्कुल सीधी लेटी रहती है तथा संभोग की किसी दूसरी मुद्रा में नहीं होती है। भुजा तथा टांगे- सहवास के समय आप की भुजाओं की मांसपेशिया बिना इच्छा के ही सिकुड़ जाती है जिससे आपकी भुजाएं मजबूत और सुडौल लगती है। ऐसे ही टांगों की मांसपेशियां भी सिकुड़ जाती है यहां तक कि पैरों की उंगलियां भी मुट्ठी की तरह भिंच जाती है। इसलिये सहवास से ना केवल आपको सुकून मिलता है बल्कि पिण्डली, जंघा, पंजे और उंगलियों की मांसपेशियां भी मजबूत होती है। पेट की मांसपेशियां- संभोग क्रिया करते समय पेट की मांसपेशियों में बिना इच्छा के सिकुड़ापन आ जाता है तथा संभोग के दौरान शरीर को बिस्तर पर उठाने से पेट की मांसपेशिया तन जाती है जिससे उनमें कसाव पैदा होता है और वह मजबूत बन जाती है। गाल- सहवास करते समय पूरे शरीर के साथ चेहरे की मांसपेशिया भी एकदम कस सी जाती है। रोजाना संभोग करने से चेहरा भर जाता है। अगर आप के गाल पिचके हुए है तो रोजाना संभोग करने से वह भर जाएंगे। इसके साथ ही इस क्रिया में गर्दन की मांसपेशियों के अन्दर खिंचाव आता है जिससे गर्दन मुलायम और सुन्दर बन जाती है और जबड़े वाला हिस्सा भी पिलपिला सा नहीं रहता है। ठोड़ी भी दोहरी होने से बच जाती है। इसलिये हमेशा के लिये मजबूत और आकर्षक शरीर चाहते है तो जी भर के सहवास का लाभ उठाइयें। श्रोणी मांसपेशियां- सहवास करते समय शरीर का एकदम कठोर हो जाना नितंबों के नीचे के भाग की मांसपेशियों में कसाव पैदा करता है और उन्हे ढीला पड़ने से बचाता है। आप की ये सिकुड़न जितने ही लंबे समय के होंगी आप की मांसपेशियां उतनी ही मजबूत बनेगी। deep deep 09-03-2012, 03:47 AM सहवास को मादक कैसे बनायें सहवास को मादक कैसे बनायें ? बेहतर सहवास के लिये क्या आप जानते हैं कि महिला चाहती क्या है? बेडरूम में उसे उन्मत्त (जंगली ) की तरह चलाइए और इस शानदार ड्राइव का दोनों आनंद उठाइये. और यहां गलतियां माफ हैं. यहां आप अपनी सहवास क्षमता का पूरा और सही प्रयोग करें. इसके साथ ही यह सुनिश्चित करें की जब भी वह आप के साथ सहवास कर रही है तो वह तीव्र उत्साह और उत्तेजना में हो और वह आपमें आनंद ढूंढ़े. कुछ ऐसे तरीके हैं जिन्हें अपनाने के बाद नकली उत्तेजना की आवश्यकता नहीं पड़ती. यहां अपनी पत्नी या पार्टनर के बेहतर सहवास का आनंद देने के कुछ तरीके बताए जा रहे हैं - कैसे बहकाएं पत्नी को : महिला को बहकाना हमेशा पुरुषों के लिए चुनौती होता है. किन्तु किसी अवसर पर जीवन साथी को बहकाने का अच्छा प्रतिफल मिलता है. शादी के कुछ सालों बाद कुछ जोड़े पाते हैं कि सहवास और दृढ़ता अपनी वास्तविक चमक खोती जा रही है साथ ही दिन-ब-दिन सहवास करना सिर्फ एक रुटी उद्देश्य रह जाता है. जो कि उनकी कल्पनाशीलता और उत्तेजना को कम करता जाता है. एक समय यह क्रिया विशेष रूप से तब महत्वपूर्ण हो जाती है जब महिला एक बच्चे को जन्म देती है. अक्सर बच्चे के जन्म के बाद महिला विशेषतःअन सेक्सी महसूस करती है. यह कठोर सोच उन्हे एक बड़े परिवर्तन के तहतउसे शारीरिक और मानसिक रूप से नीचे ले जाते हैं. बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं की यह सामान्य सोच बन जाती है कि वह पहले मां है बाद में प्रेमिका. एक आदमी इस परिस्थिति को समझते हुए तरीके से अपने पार्टनर को आकर्षक और सेक्सी बना सकता है. इसका सबसे बेहतर तरीका है कि पॉजिटिव प्रयासों से अपने पार्टनर को बहकाएं (उत्तेजित करें ) ज्यादातर आदमी इस परिस्थितियों से उकता कर नए प्रेम प्रसंगों के प्रलोभन से जुड़ने का प्रयास करते हैं, जबकि यह उचित नहीं है. यदि आप अपने जीवन साथी को बहकाने जा रहे हैं या प्रयास कर रहें हैं तो यह आपको उन प्रलोभनों की वास्तविकता से बेहतर क्षण प्रदान करेगा. ऐसे में विशेषतः ज्यादातर महिलाएं रोमांस और पूर्वज्ञान से आनंदित होकर पुरुषों को पू्र्ण आनंद देती हैं. अच्छी तरह बढ़ कर तैयारी करें : अपने पूर्व ज्ञान को आधे मजाक का रूप दें. यह बहकावे के प्लान को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है. कुछ लोग बहकावे को लेकर उन क्षणों की तैयारी का आनंद उठाते हैं. यदि आपके कोई बच्चा है तो उसकी कोई उचित व्यवस्था पहले से कर दें ताकि बाद के अंतिम लम्हों में आपको किसी प्रकार की हिचक न हो. यह अरेंजमेंट हर उस स्थान में कर सकते हैं. जहां का आप इरादा रखते हैं. स्थान को लेकर संकोच नहीं करना चाहिये. यदि आप बाहर खाना सुनिश्चित करते हैं तो मैं यह विश्वास दिलाता हूं कि यह एक बेहतर अवसर है जहां आपकी पत्नी काफी इन्ज्वाय करेगी. ठीक ऐसी ही परिस्थितियां तब भी होंगीं जब आप अपरान्ह का फिल्म शो देखने का मन बनाते हैं. बहलाने का कोई भी मौका मिलता है तो उसे न छोड़ें. यही स्थिति ऐसी होगी जब आपकी पत्नी यह सहजता से सोचेगी कि आप उसे कितना चाहते हैं. कभी-कभी उसे उपहार भी दें . जैसे उसकी बगैर जानकारी के उसके लिये उसका पसंदीदा परफ्यूम लाकर दें या फिर कोई सहवासी सा अण्डरवियर उसे गिफ्ट करें. ऐसे में जब भी वह इनका प्रयोग करेगी आपको याद करे रोमांचित होगी. दिन का समय : शाम के बेहतर बहकावे के लिये अपरान्ह में दोनों के बीच कोई गैर सेक्सुअल हरकत अच्छे वार्म- अप का काम करती है. कोई रोमांटिक फिल्म देखने जाएं या फिर मौका मिलने पर पैदल साथ-साथ बाजार घूमने निकल जाएं. इस तरह के कई अवसर उन्हें बहलाने के बेहतर साधन हो सकते हैं. इससे वे एक ओर तो पारिवारिक दबाव से मुक्त होगी साथ ही उसे एक नएपन का भी एहसास होगा. सुहानी शाम और डिनरः शाम की शुरुआत कैंडल लाइट डिनर से की जा सकती है. जो कि या तो किसी मनपसंद रेस्टोरेंट में हो सकता है या फिर घर में ही इसकी तैयारी की जा सकती है, वह भी बगैर घर की किचन में बगैर समय गवांए. भोजन करने के दौरान न तो ज्यादा खाएं न ही ज्यादा पियें और न ही एक दूसरे को ज्यादा के लिये प्रेरित करें. साथ ही इस बात का ख्याल रखना चाहिये कि क्या खा रहे हैं. निश्चित मात्रा का भोजन खाने में काफी सहवासी होता है, और आदमी इसे और बेहतर बना सकता है. इस दौरान अपनी पत्नी को अपनी डिश चखाएं और उसकी डिश का भी आनंद ले. यह सब बिना झिझक और औपचारिकता के करें. बस यहीं से बहकाने का सेक्सुअल पार्ट शुरू होता है, लेकिन यह कार्य अब भी आधा किया जा चुका है. आपस में छेड़छाड़ करें आपसी छेड़छाड़ दो प्रेमियों के बीच का महत्वपूर्ण फोरप्ले होती है. इस दौरान धीमी लाइट जलाकर कोई पसंदीदा संगीत चालू कर लें. छेड़छाड़ के बीच-बीच में एक दूसरे को किस करने का मौका न गंवाएं साथ ही एक दूसरे से चिपक कर लेटे.इस दौरान पूरी सौम्यता बरते न कि सीधे सहवास के लिए उन्मुख हो जाएं. उसके कपड़े उतारें छेड़छाड़ के दौरान धीरे-धीरे उसके कपड़े उतारें और उसके सुंदर शरीर की तारीफ करने से न चूके. उसे यह बताएं की उसकी वजह से आप किस तरह ऑन होते हैं. यही वह प्वांइट होगा जब आप दोनों को एक दूसरे की गर्मी और उत्तेजना का अहसास होना शुरू हो जाएगा. अब जबकि उसके बदन में नाम मात्र के कपड़े बचे हों तो उसे भी इस क्रिया में सहभागी बनने को कहें. यह उसके लिये भी एक वास्तविक टर्न ऑन होगा, ठीक उसी तरह जैसे की आपका. जब वह पूरी तरह कपड़े उतार चुकी हो तब वगैर वक्त गंवाए उसके शारीरिक सौंदर्य का महिमामंडन कर लें, साथ ही सहवासी कमेंट पास करें. इस दौरान के सहवासी कमेंट उसे शारीरिक रूप के अलावा मानसिक रूप से भी उत्तेजित करते हैं. रतिक्रिया यदि अभी तक सब कुछ ठीक रहा है तो यह स्टेज आपके कुछ हटकर आनंद देने वाली है. इसके लिये आप उसे अपनी टांगे फैला कर लेटने को कहें और धीरे-धीरे उसके शरीर को नख से सिर तक दुलारें. जगह-जगह दबाएं यदि उसे पसंद हो. उसके स्तनों को खरोंचते हुए दबाएं ताकि उसे एक मीठे दर्द का अहसास हो साथ ही इस दौरान स्तन के निप्पल को भी खींचे. बीत-बीच में इन सभी अंगों को मसलें. अब आप देखेंगे की उसकी उत्तेजना कैसे उसके चेहरे पर झलकने लगी है, जिसकी गवाही उसका शरीर भी देने लगेगा. अब उसके भग और भगशिश्न को सहलाएं. आप पाएंगे कि वह तीव्र उत्तेजित हो गई है. इस दौरान आप हर उस हरकत को बढ़ावा दे जिसपर आप पाएं कि ऐसा करने पर उसे आनंद की अनुभूति हो रही है और वह उत्तेजना के शिखर की ओर बढ़ रही है. अब जबकि वह तीव्र उत्तेजित हो गई है और अच्छी तरह स्निग्ध हो चुकी है तब आप उसकी योनि में पहले एक अंगुली डाले फिर दो … फिर आप वह करें जो उसे पसंद हो… सहवास का उपयुक्त समय अब जबकि वह तीव्र उत्तेजित हो चुकी होगी और वह आप से एकाकार होने की इच्छा रखने लगी है. अब यह अहठधर्मी सहवास पोजीशन के साथ सहवास करने का उचित समय है, जो कि उसके लिये नई सनसनाहट पैदा करेगा. इस दौरान बीच-बीच में आप सहवास पोजीशन में बदलाव ला सकते हैं . अब यदि इस दौरान वह एक उत्तेजना के चरम शिखर पर पहुंच कर संतुष्ट हो जाएगी. यदि आप एक और दौर चाहते हैं तो उसकी पसंद के अनुरूप आप दूसरा दौर भी चला सकते हैं. वहीं यदि आपकी पार्टनर जल्दी ही बच्चे की मां बनने वाली है तो सहवास का तरीका थोड़ा बदलना होगा. इस दौरान गहराई वाले तथा झटकेदार सहवास से बचें . इसके लिए अपने पार्टनर को चरम उत्तेजित करें फिर उसकी योनि पर अपने शिश्न के अग्रभाग को प्रवेश कराकर बगैर गहराई में गए ही सहवास करें. इसके अलावा अपने चिकित्सक से भी सलाह लें. बेहतर सहवास पोजीशन सहवास करने के शुरुआती दौर में सबसे पहले वह सहवास पोजीशन चयन करनी चाहिए जो शुरुआती दौर में कम गहराई वाली हो और बाद में गहरे में प्रवेश करता हो. लेकिन याद रखने वाली बात यह है कि दूरदर्शी युगल इन क्षणों की उत्तेजना के तरीके स्वयं खोज लेते हैं और यह आनंददायी स्थितियां जो वे अपने अनुरूप पाते हैं उसे प्रयुक्त करते हैं. यह तरीका किसी भी विशेषज्ञ के बताए तरीके से बेहतर होता है. कुल मिलाकर पोजीशन वह होनी चाहिए जिसमें दोनों को बराबर की आनंदानुभूति हो . सहवास पोजीशन को लेकर यद्यपि कई अवरोध हैं फिर भी इसे अपनी सुविधानुसार इसका प्रयोग करना चाहिये. सहवास के दौरान पुरुष का ऊपर होना आधार पोजीशन होती है. फिर भी कई बार इसमें प्रवेश गहराई तक नहीं हो पाता है. इसके लिए बेहतर विकल्प है कि उसके नितम्ब के नीचे कुछ रखें इसके लिए सबसे बेहतर है कि तकिये का प्रयोग किया जाये. इस तरीके में वह अपने नितंब का एंगल बना सकती है. इसलिये जब आप प्रवेश करेंगे तो वह प्रवेश के कोण को नियंत्रित कर सकने में सक्षम होती है. ऐसे में वह सहवास के दौरान आघात पहुंचाने वाले क्षेत्र पर भी नियंत्रण पा सकती है. कुछ मामलों में महिलाएं सहवास के लिए खुद को उपर रखना पसंद करती है. क्योंकि इस स्थिति में वह प्रवेश को और बेहतर तरीके से नियंत्रित कर सकती हैं. और बाद में अब जब आप रतिक्रिया पूर्ण कर चुके हैं, अब आप पत्नी पर छोड़ दे कि शाम की शुरुआत का सबसे सुखद अंत क्या होगा. अब वह आपकी बांहों के घेरे में सोना चाहेगी या फिर वह आपसे कुछ चीजों के बारे में बात करना चाहेगी, जो आप दोनों के लिए प्यार भरी और संदेश देने वाली होगी. इस दौरान आप उसे बताएं कि आप उसे कितना प्यार करते हैं और आपको उसकी कितनी आवश्यकता है. इसके अलावा उससे चर्चा करें कि जब आप दोनों साथ में थे तो सबसे ज्यादा आनंददायी क्षण कौन से रहे. फिर आप दिनभर के साथ की चर्चा कर उसमें नई अनुभूति की जान छिड़क सकते हैं. इस सबके दौरान उसके जवाबों पर ध्यान देकर आप अपना नया अनुभव तैयार करें, ताकि अगली बार आप और बेहतर कर सकें..:kiss: deep deep 09-03-2012, 03:49 AM पुरूषों को नापंसद है सात बातें यौन-बिस्तर में सहवास पुरूषों को नापंसद है सात बातें यौन-बिस्तर में :- यौन संबंध बनाते वक्त यह बहुत जरूरी है कि इस बात का विरोष ध्यान रखा जाए कि आपके साथी की पंसद नापंसद क्या है। एक अध्ययन के अनुसार खासकर पुरूषों में यौन-संबधो को लेकर खास पसंद-नापसंद होती हैं। इसलिए महिलायों के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आपके पुरूष साथी को क्या पसंद नही है। हॉंलाकि यह सब बाते सभी जो़डो पर एक समान रूप से लागू नही होती है क्योंकि हम सभी की सेक्स के लिए अलग-अलग आवश्यकताए होती हैं। आइए हम आपको बतातें है कि ऎसी कौनसी सात बाते है जो पुरूषों को अपने साथी के साथ यौन-संबंध बनाते वक्त बिलकुल नापंसद होती है 1. सबसे महत्वपूर्ण व बुरी बात जो पुरूषो को बिल्कुल नापसंद है, वह है कि कुछ महिलाए सेक्स के दौरान कुछ नही करती है, बस एक मृत शरीर की तरह लेट जाती है इस उम्मीद के साथ कि उनका साथी ही सब कुछ करेगा। महिलाओं को चाहिए कि अपने साथी को इस बात का एहसास दिलाए कि आप भी उस समय सेक्स का भरपूर मजा ले रही है। इसलिए महिलाओं को पुरूषों के शीर्ष से शुरूआत कर अंत तक अपनी सुहानी अदाओं से आर्कषित करना चाहिए 2. लगभग सभी महिलाएं इस बात से सहमत है कि उन्हें अपने शरीर पर चुंबन पसंद है ठीक वैसा ही पुरूषों के साथ है वह भी आपके द्वारा अपने शरीर पर किए गए चुंबन व आंलिगन से पागल हो जाते है इसलिए चुंबन व आंलिगनो के इस सिलसिले को लगातार बरकरार रखना चाहिए। 3. कुछ पुराने जमाने की महिलाओं को अब भी लगता है कि बिस्तर पर सेक्स की सारी जिम्मेदारी सिर्फ पुरूष की ही होती है, जो कि बिलकुल गलत है , आपको भी अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने साथी को यह एहसास दिलाना चाहिए कि आप सेक्स चाहती है साथ ही यह भी बतायें कि आपके साथी पुरूष को आपके साथ क्या करना चाहिए 4. जैसे हर महिला चाहती है कि पुरूष उसके साथ ब़डी नाजुकत के साथ पेश ऑंए, उसी प्रकार पुरूषों को भी अपने साथ नाजुकता पसंद है। पुरूषों का शरीर भी बहुत नाजुक होता है जो आपके सुहाने स्पर्श से यौन संबंध बनाने के लिए जल्द ही तैयार हो जाता है। इसलिए महिलाओं को सेक्स के दौरान अपने पुरूष साथी को बहुत नाजुकता के साथ भरपूर आनंद देने की कोशिश करनी चाहिए 5. अगर आप स्वंय सेक्स के सुख का अनुभव करना चाहती है तो अपने साथी को भी इसका सुखद अनुभव देना न भूलें। कई बार पुरूष इस विचार में उलझे रहते है कि हमबिस्तर होते वक्त उनकी महिला साथी को उनके द्वारा की गई क्रिया-प्रतिकियाओ की कोई भावना नही है। इसके लिए आपको चाहिए कि आप यौन संबंध बनाते वक्त ये जरूर बताए कि ""आप इसे कितना पसंद करती हैक् "" ""आपको ऎसा करने में कैसा महसूस हो रहा हैक्"" इत्यादि 6. अपने साथी को भ्रमित न करें, कई बार पुरूष ये समझ नही पाते कि उनके द्वारा यौन संबंध बनाते वक्त आपको दिए जाने वाला अनुभव आप पसंद भी कर रही है या नहीक् इसलिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में किसी भी प्रकार की शर्म महसूस न करे, कुछ खुशनुमा चीखें व आवाजें निकालते रहें क्योंकि यही वो सबसे अच्छा तरीका है अपने साथी को बताने का कि आप उसके द्वारा कि जाने वाली हरकतो से सुखद अनुभव कर ही हैं। 7. क्या आपको लगता है आपका यौन-जीवन थोडा उबाऊ हो रहा हैक् तो इसमें कुछ नयापन लाइए अपने साथी को आर्कषित करने के लिए कुछ उत्तेजनक वस्त्र धारण करने में शर्म महसूस मत करिए, उसके लिए कुछ मादक-मोहक अदाओं का प्रदर्शन किजिए और फिर देखिए कि कैसे आपका साथी आपको सेक्स-सुख व प्यार का मीठा अनुभव देता हैं। याद रखिए सेक्स भी आपसी प्यार को बनने मे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। deep deep 09-03-2012, 03:50 AM एक वैज्ञानिक शोध के अनुसार महिलाओ के अंतरवस्त्रो का रंग उनके रोमांटिक मूड तथा प्रेमी व्यक्तितत्व को दर्शाता है। एक मनोवैज्ञानिक डॉ डासन के अनुसार लाल, पीला तथा नारंगी रंग गर्म स्पेक्ट्रम को दर्शाता है जो कि ऊर्जा तथा उत्साह की भावनाएं पैदा करता है, यह हमारे दिल की ध़ाडकन और रक्तचाप को भी ब़डा सकते है। लाल/पीला/ऑंरेज:- इन रंगो के अंतरवस्त्र आवेशपूर्ण ऊर्जावान तथा नाटकीय स्वभाव को दर्शाते है। यह रंग पसंद करने वाली महिलाएं बिदास होती है तथा उनका मुड भी नाटकीय रूप से बदलता है जो कि उनके आकर्षण का एक हिस्सा है। गुलाबी रंग:- यह रंग पसंद करने वाली महिलाएं स्वभाव से रोमांटिक तथा विन्रम होती है, इन्हे अधिक से अधिक स्त्रेह पाने की लालसा होती है। यह महिलाएं काफी कामुक होती है परंतु कभी आगे से पहल नही करती है। काला रंग:- यह रंग एक व्यक्तिपरक और शक्तिशाली व्यक्तित्व को दर्शाता है। इस तरह की महिलाएं सूक्षम आकर्षण वाली परन्तु आवेशपूर्ण होती है। सफेद रंग:- यह रंग पंसद करने वाली महिलाएं मासूम परंतु सुझाव देने के लिए तत्पर रहती है। यह एक अच्छी शिक्षार्थी भी होती है। स्किन या भूरा रंग:- यह रंग स्वाभाविक वास्तविक तथा पारदर्शी व्यक्तितत्व को दर्शाता है। इसको पसंद करने वाली महिलाएं कुछ भी छुपाना पंसद नही करती है। एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि अब 72 प्रतिशत महिलाएं अंतरवस्त्रो की खरीदारी करते समय स्किन या भूरे रंगो वाले अंतरवस्त्रो का पंसद करने लगी है इसका अर्थ यह है कि आज की महिला रोमांस के मामले मे पीछे नही है और अपने आप को पूर्ण रूप से खुले रूप में प्रदर्शित करने मे नही कतराती है। बुनियादी रूप में महिलाओं में अंतरवस्त्रो के रंगो के पंसद को इतनी तेजी से बदलने के लिए कही ना कही मशहूर हस्तियॉं जिम्मेदार है। हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री इवा मेंडीस ने हाल ही मे यह खुलासा किया है कि वह स्किन कलर या बिलकुल सादे अंतरवस्त्रो मे सबसे ज्यादा सेक्सी लगती है। तो जनाब, अगली बार जब आप अपनी किसी महिला साथी के लिए अंतरवस्त्रो की खरीदारी पर जाये तो उनके रंगो पर जरूर विचार किजिएगा।
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